- अधिकारियों ने इस हमले को आतंकवादी कृत्य बताया
- जॉर्डन को सुरक्षित देश माना जाता है
जॉर्डन के करक प्रांत से झकझोर देने वाली ख़बर सामने आई है, वहां एक चर्च में हो रहे अंतिम संस्कार के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने अंधाधुन गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई, वहीं 40 लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। अधिकारियों के अनुसार, बंदूकधारियों ने हमौद चर्च में मौजूद लोगों पर कई मिनट तक गोलियां चलाईं।
पश्चिम एशिया में तनाव
इस समय पश्चिम एशिया में जो हालात बने हुए हैं, वो बहुत अच्छे नहीं हैं। आए दिन बमबारी और गोलीबारी की ख़बरें आती ही रहती हैं, जिससे वहां असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। हाल ही में हूति विद्रोहियों ने साउदी अरब पर जिस तरह बम बरसाएं हैं, जिससे ख़़तरा काफ़ी बढ़ गया है। इसके अलावा ईरान-अमेरिका युद्ध तो जगजाहिर है। आमतौर पर जॉर्डन एक सुरक्षित देश माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय पश्चिम एशिया में जो हालात बने हैं, उसने इसपर भी संकट पैदा कर दिया है और चर्च में हमला इसी का प्रमाण हैं।
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हैं। जॉर्डन के अधिकारियों ने इस हमले को चरमपंथियों का आतंकवादी कृत्य बताया है। हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
भारत ने जॉर्डन में चर्च पर हमले की निंदा की
भारत ने जॉर्डन के कराक शहर में एक चर्च पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले में कई निर्दोष लोगों की मौत और अनेक लोगों के घायल होने पर दुख जताया है। भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस कठिन समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। साथ ही, आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।





