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AISA की नेहा बोरा का पीस बॉन्ड भरने से इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज; अब 29 अक्टूबर को सुनवाई

पीस बॉन्ड भरने से इनकार करने वाली AISA अध्यक्ष नेहा बोरा आज मंदिर मार्ग थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश हुईं।
  • CEC ज्ञानेश कुमार के इस्‍तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन
  • प्रदर्शन के चलते नेहा बोरा को लिया गया था हिरासत में

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने पीस बॉन्‍ड भरने से इनकार कर दिया है। यह बयान तब आया है, जब नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड भरने से इनकार करते हुए इसके ख़‍िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका खारिज होने के बावजूद AISA अध्यक्ष नेहा बोरा बॉन्‍ड भरने से साफ़ मना कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगा।

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SEM के सामने पेश हुई AISA अध्यक्ष नेहा बोरा

बता दें, कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा शनिवार को मंदिर मार्ग थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश हुईं थी। इस दौरान उन्हें पीस बॉन्ड नोटिस से जुड़े वे सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, जिनके आधार पर उन्हें बॉन्ड भरने के लिए कहा गया था। नेहा बोरा को 16 तारिख़ को चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के इस्‍तीफ़ की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किया गया थाा,हालांकि उन्‍हें बाद में छोड़ दिया गया था।

नेहा बोरा ने पीस बॉन्‍ड भरने से क्‍यों किया इनकार

नेहा बोरा ने पीस बॉन्‍ड पर साइन न करने के पीछे का तर्क देते हुए कहा, कि यह पीस बॉन्‍ड हमारे संवैधानिक अधि‍कारों को ख़त्‍म करने का काम कर रहा है। पीस बॉन्‍ड का इस्‍तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए किया जा रहा है। उन्‍होंने लोकतंत्र का मुद्दा उठाते हुए कहा, कि अगर कहीं कुछ ग़लत हो रहा है, तो लोकतंत्र हमें आवाज़ उठाने का अधि‍कार देता है और हमें वोट देने के अधि‍कार को छीना जा रहा है।

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CJP के नेता भर चुके हैं पीस बॉन्‍ड

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता लगातार चुनाव आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के ख़‍िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं। इस सिलसिले में CJP संस्‍थापक अभि‍जीत दीपके के अलावा नेता सौरव दास व आशुतोष रांका को पहले ही अनुमति के बिना बार-बार प्रदर्शन करने के लिए गिरफ़्तार किया गया। तीनों को शांति बनाए रखने व जमानती बॉन्‍ड भरने के बाद रिहा किया गया था, लेकिन इसके बॉन्‍ड के उल्‍लंघन के चलते 13 तारिख को जंतर-मंतर पर गिरफ़्तार किया गया था और अब वो पुलिस हिरासत में है और तिहाड़ जेल में बंद है। अभि‍जीत दीपके को भी 16 तारिख़ को बिना अनुमति कनॉट प्‍लेस में प्रदर्शन करने से पहले ही गिरफ़्तार कर लिया गया थाा।बाद में उन्‍हें पीस बॉन्‍ड भरने के बाद रिहा किया गया।

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