- आशुतोष रांका व सौरव दास की न्यायिक हिरासत बढ़ी
- अभिजीत दीपके हिरासत के बाद शर्त पर रिहा
इन दिनों राजधानी में विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। साथ ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। दूसरी तरफ़ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के ख़िलाफ़ वोट चोरी को लेकर अलग मोर्चा संभाल रखा है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस बार CJP के प्रदर्शन को अभी तक कामयाब नहीं होने दिया है। कॉकरोच के दो बड़े नेता आशुतोष रांका व सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था, अब उनकी न्यायिक हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी गई है।
यह भी पढ़ें: CJP Protest: पहले हिरासत, फिर तिहाड़ जेल! ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे़ की मांग पर दिल्ली पुलिस का एक्शन
अभिजीत दीपके पीस बॉन्ड भरने की शर्त पर रिहा
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें सशर्त जमानत मिली। दीपके को पीस बॉन्ड भरने की शर्त पर रिहा कर दिया गया। इससे पहले भी अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका व सौरव दास को प्रदर्शन के बीच गिरफ़्तार किया था। बाद में 50 हज़ार के ज़मानती बॉन्ड भरने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। बता दें, किआशुतोष रांका व सौरव दास को बॉन्ड का उल्लंघन करने के जुर्म में हिरासत में लिया है।
उम्मीद के मताबिक़ नहीं रहा CJP का आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर किया गया आंदोलन सबको याद होगा, जहां उन्होंंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किया था। इस बार वो CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा लेने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इस बार उनका आंदोलन सर चढ़कर नहीं बोल पाया, क्योंकि इस बार दिल्ली पुलिस व प्रशासन उनके प्रदर्शन को रोकने के लिए तैयार खड़ी थी।
यह भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे़ पर आर-पार की लड़ाई, राहुल गांधी के मार्च से गरमाई सियासत
अभिजीत दीपके की आसान नहीं आगे की राह
CJP के लिए यहां से आगे की राह आसान नहीं होने वाली, क्योंकि जमानती बॉन्ड का उल्लंघन करने के लिए उनके नेता पहले से ही हिरासत में है और मामला कोर्ट में चल रहा है, वहीं अभिजीत दीपके भी पीस बॉन्ड की शर्त पर रिहा किए गए हैं। ऐसे में यदि ये दोबारा प्रदर्शन करते हुए पकड़े जाते हैं, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े में इंडिया गठबंधन एकजुट
पिछले कई दिनों से दिल्ली में चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट चोरी को लेकर भारी विरोध प्रकट किया जा रहा है। SIR और फॉर्म 6 को लेकर कांग्रेस सहित पूरा इंडिया गठबंधन एकजुट हो गया है। वोट चोरी के इस आर-पार की लड़ाई में आगे क्या होगा, यह तो वक़्त ही बताएगा, लेकिन जो भी हो इस बार विपक्ष भी अपनी मांग को लेकर अड़ा हुआ है।




