- सुप्रीम कोर्ट तक कांग्रेस का ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’
- सड़क पर प्रदर्शन, हो रही है ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े मांग
इन दिनों देश में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े मांग बड़ा मुद्दा बना हुआ है। CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी दल लगातार आरोप से हमला कर रहें हैं। उन पर SIR में हेर-फेर करने, अन्य आयुक्तों के साथ विवाद और अवैध ढंग से फ़ॉर्म 6 में बदलाव करने के आरोप हैं। विपक्षी दल का मानना है, कि ज्ञानेश कुमार चुनाव प्रक्रिया के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सीधे तौर पर फ़ायदा पहुंचा रही है। यही वजह है, कि दिल्ली में इन दिनों ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रदर्शन का दौर चल रहा है।
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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े में एक साथ सड़क पर इंडिया गठबंधन
कांग्रेस पार्टी ने तो ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ बीजेपी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा से लेकर अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और संजय राउत जैसे विपक्षी नेता कांग्रेस के साथ क़दम से क़दम मिलाते हुए नज़र आ रहे हैं और सबकी एक ही मांग है, कि ज्ञानेस कुमार अपने पद से इस्तीफ़ा दें। इसी सिलसिले में कांग्रेस ने चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन समय ना मिलने पर तमाम विपक्षी दलों (इंडिया गठबंधन) समेत राहुल गांंधी व प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया, जिसे ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया गया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कांग्रेस की क्या है मांग?
सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष ने जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है। देश में कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय व बड़ी पार्टी समेत अन्य क्षेत्रीय विपक्षी दलों को जिस तरह चुनाव में लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है, कि यह मुद्दा बेहद गरम है, क्योंकि इससे पहले भी तमाम विपक्षी नेता चुनाव प्रकिया पर सवाल उठाते रहे हैं और खासकर ईवीएम को लेकर।
CJI सूर्यकांत ने मिलने से क्यों किया इनकार?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे दोनों नेताओं ने CJI सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, ताक़ि उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रख सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ CJI ने मलाक़ात करने इनकार कर दिया था। बाद में CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से इनकार करने की वजह बताते हुए कहा, कि इस तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में पहले से विचाराधीन हैं। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने का विकल्प दिया।
‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’
CJI के इनकार के बाद ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में तमाम इंडिया गठबंधन के नेताओं के अलावा भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखी गई। एक बात तो साफ हैं, कि जिस तरह के आरोप चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ निकलकर सामने आए हैं, उसे देखते हुए मामला इतनी जल्दी शांत होता नहीं दिखाई देता। अब तो हर रोज प्रदर्शन होने लगे हैं, सड़के जाम होने लगी हैं, जिससे नुकसान आम आदमी को होता है।
बीजेपी का राहुल गांधी पर निशाना
दूसरी तरफ़ बीजेपी के बड़े नेता इसे राहुल गांधी का नाटक बता रही है। पार्टी का कहना है, कि राहुल गांधी देश में अराजकता फ़लाने का काम कर रहे हैं। देश में ऐसे कई राज्य हैं, जहां कांंग्रेस दो दशक से भी ऊपर हो गए, लेकिन नहीं जीत पाई, इसे लेकर बीजेपी ने कांग्रेा पर निशाना साधते हुए कहा, कि उस समय तो चुनाव आयुक्त कोई और था, तक कांग्रेस क्यों नहीं जीती, लेकिन आज चुनाव पर सवाल उठा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में जुटी भीड़ को लेकर साफ़ कहा, कि कांग्रेस 8 हज़ार की भीड़ जुटाकर देश का विश्वास नहीं जीत सकते।




