- सौरव दास और आशुतोष रांका को सौरव दास और आशुतोष रांका
- ज़मानती बॉन्ड भरने के बाद रिहा हुए थे CJP नेता, दोबारा गिरफ़्तार
एक तरफ़ कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ लगातार आवाज़ उठा रही है। सबको याद होगा, कि कैसे CJP ने नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया था और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर ही प्रदर्शन ख़त्म किया था। इस बार भी सोच से CJP और उनके संस्थापक अभिजीत दीपके मैदान में उतरे हैं।
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10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP ने किया था प्रदर्शन का ऐलान
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ-साथ कॉकरोच पार्टी के अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने ऐलान किया था, कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन होगा। उम्मीद थी, कि जिस तरह शिक्षा का मुद्दा पूरे देश में उठा था और उनकों जीत मिली थी, इस बार भी ऐसा ही होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बार दिल्ली पुलिस पहले से तैयार थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP को इस प्रदर्शन के लिए मंजूरी नहीं मिली थी।
ज़मानती बॉन्ड भरने के बाद रिहा हुए थे CJP नेता
दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच CJP का प्रदर्शन विफ़ल रहा और भीड़ नदारद रही। प्रदर्शन विफ़ल रहने का यह भी कारण रहा, कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। वह CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे, जिसकी अनुमती नहीं मिली थी। हालांकि बाद में सभी को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक साल तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखने की शर्त पर 50 हज़ार के ज़मानती बॉन्ड भरने के बाद ज़मानत पर रिहा कर दिया था।
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सौरव दास और आशुतोष रांका को भेजा तिहाड़ जेल
ज़मानत पर रिहा होने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को दोबारा हिरासत में लिया और दिल्ली पुलिस ने दोनों पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड का उल्लंघन करने और बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने का आरोप लगाया है। इसके बाद दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
CJP नेताओं पर किन आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया?
दोनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। आरोप है, कि CJP कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़े और बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे़ की मांग करते हुए नारे भी लगाए। इन दोनों के अलावा CJP के अजिंक्य शिंदे को भी गिरफ़्तार किया गया था, जिनको ज़मानती बॉन्ड की प्रक्रिया के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ बिना अनुमति प्रवेश करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, शांति बनाए रखने के बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य निर्वहन से रोकने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है।




