- अल्बानिया में हिंसा का दौर, सरकार से नाराज हैं लोग
- क़रीब 10 दिनों से चल रहा है विरोध-प्रदर्शन
फ्रांस की तरह ही अल्बानिया की राजधानी तिराना और दूसरे शहरों में भी बड़े पैमाने पर लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। अल्बानिया में सरकारी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा की ख़राब व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है और वो प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को क़रीब 10 दिन हो गए हैं और आगे भी स्थिति ठीक नहीं दिखाई देती।
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प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग के बीच अल्बानिया में बढ़ती हिंसा
प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन कर रहे लोगों व पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, वहीं भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। यही नहीं सरकारी इमारतों और बैंकों में आगजनी, दुकानों में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं भी हुई हैं।
शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन
ख़राब शिक्षा व्यवस्था को लेकर हज़ारों लोगों ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस पर पथराव किए गए। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और रबर की गोलियां भी चलाई। इन प्रदर्शन को देखकर यह कहा जा सकता है, कि वहां आंदोलन के नाम पर हिंसा किस हद तक भड़क गई है।
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वर्ष 2013 से ही सत्ता में है प्रधानमंत्री एडी रामा
बता दें, कि प्रधानमंत्री एडी रामा वर्ष 2013 से ही सत्ता में हैं। पिछले वर्ष हुए चुनाव में वो लगातार चौथी बार सरकार बनाने में कामयाब हुए थे। ऐसे में देखने वाली बात यह है, कि आख़िर ऐसा क्या हो गया, कि लोग इनके ख़िलाफ़ हो गए हैं और अब इनके इस्तीफ़े की मांग करने लगे हैं। प्रधानमंत्री रामा के लिए अब आगे की राह चुनौतीपूर्ण है। अब देखना होगा, कि अल्बानिया में विरोध-प्रदर्शन कब तक चलता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है, लेकिन जो भी हो अल्बेनिया की वर्तमान स्थिति बहुत अच्छी नहीं हैं





