- बिहार MLC में 8 सीटों के लिए हुए मतदान
- सारण में पड़े 87.16 प्रतिशत वोट
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों के MLC चुनाव संपन्न होने के बाद बिहार का MLC चुनाव भी ख़त्म हो गया है, जहां 8 सीटों के लिए मतदान हुआ। 8 सीटों के अंतर्गत स्नातक क्षेत्र के 4 और शिक्षक क्षेत्र के लिए 4 प्रत्याशी चुने जाएंगे। इसके लिए इस चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। मिली जानकारी के अनुसार, 5 लाख से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया। बताया जा रहा है, कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में अधिक मतदान रिकॉर्ड किए गए हैं। नतीजें 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
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कितना रहा वोट प्रतिशत?
आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 74.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औसत मतदान 43.87 प्रतिशत हुआ। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 87.16 प्रतिशत वोट के साथ सारण सबसे आगे रहा, वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी में सबसे अधिक 52.51 प्रतिशत मतदान दर्ज हुए। इसके अलावा पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सहित विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की चर्चा तेज़ है। आंकड़ें आने के बाद राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने पक्ष में परिणाम आने की उम्मीद जता रही हैं।
संजय सरावगी ने आरजेडी पर साधा निशाना
चुनाव के बाद सियासी बयानबाजी तेज़ हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने महागठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर निशाना साधते हुए दावा किया, कि राजद का खाता भी नहीं खुलेगा। संजय सरावगी का मानना है, कि शिक्षक और स्नातक दोनों मतदाताओं का सरकार को पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, कि एनडीए के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव प्रचार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसका लाभ गठबंधन के प्रत्याशियों को मिलेगा।
जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने नीतीश कुमार को किया याद
जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा, कि उनके प्रति लोगों का जो स्नेह और राजनीतिक प्रभाव है, उसका असर इस चुनाव में देखने को मिल रहा है। नीरज कुमार ने राजनीति में अपराधीकरण और आपराधिक छवि वाले लोगों के प्रभाव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा, कि इस चुनाव में इसके खिलाफ़ मतदान हुआ है। अस दौरान अपने ख़िलाफ़ पार्टी के कुछ लोगों की ओर से प्रचार किए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
खैर सियासी बयानबाजी चलती रहती है, अब तो 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजे बताएंगे, कि कौन किस पर भारी है। देखते हैं, कि बाज़ी कौन मारता है।





