- शिक्षा व्यवस्था के ख़िलाफ़ छात्रों का प्रदर्शन
- पुलिस और प्रदर्शनकारियाें के बीच झड़प
पिछले कई दिनों से फ्रांस में प्रदर्शन की आग में जल रहा है। प्रदर्शन के चलते फ्रांस के कई शहरों में भारी तनाव पैदा हो गया है। लोगों अपना गुस्सा फ्रांस सरकार पर प्रकट कर रहे हैं और इस समय महंगाई, बेराजगारी और बढ़ती जीवन-यापन लागत (Cost of Living) के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन अब धीरे-धीरे विकराल रूप लेता जा रहा है, जो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए बड़ी चुनौती है।
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पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प, हज़ारों गिरफ़्तार
मामला इतना बिगड़ गया है, कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार झड़प की ख़बरें आ रही हैं। तोड़फोड़-आगजनी व लूटपात से स्थिति भयावह सी हो गई है। बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद स्थिति कुछ काबू में आई। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, देशभर में प्रदर्शन के दौरान 1,314 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है, वहीं 53 पुलिस अधिकारी घायल हुुए हैं।
सड़क जाम, आगजनी और लूटपात
बता दे, कि पेरिस से लेकर ल्योन, मार्सिले और टूलूज़ तक महंगाई के ख़िलाफ़ लोगों का गुस्सा अब सड़क पर पहुंचकर प्रदर्शन में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते जाम किए, कहीं आगजनी, तो कहीं दुकानों में लूटपाट भी हुई। सरकार के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 75 जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं 24 दुकानों में लूटपाट की ख़बर मिली। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
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शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी छात्र सड़क पर
महंगाई के अलावा वहां के छात्र भी ख़राब शिक्षा व्यपस्था और स्कूलों की स्थिति बेहतर बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली और विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर उतरे हैं। उनका कहना है, कि गर उनकी मांगे नहीं मानी गई, तो यह प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।




