- अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकर नष्ट किए
- ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकाने पर मिसाइलें दागीं
अमेरिका-ईरान युद्ध एक बार फिर चर्चा में हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध से अब पश्चिम एशिया में तनाव तेज़ी से बढ़ गया है। दोनों देशों को बीच कई बार युद्ध विराम की चर्चा हुई, लेकिन इसका अब तक कोई फ़ायदा दिखाई नहीं दिया है। इधर दुनिया इस युद्ध से पहले ही परेशान है और दोबारा हो रहे हमलों से दुनिया काे चिंता में डाल दिया है, क्योंकि कच्चे तेल के दाम फिर से पटरी पर लौट रहे थे, लेकिन हमलों के बीच होर्मुज़ का संकट दोबारा पैदा हुआ, तो अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है।
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ईरानी हमले का जवाब देती अमेरिका
अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के कच्चे तेल के 5 टैंकर तबाह कर दिए हैं। वाशिंगटन के अनुसार, पिछले 2 दिनों में एक अमेरिकी युद्धपोत पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने हमले किए थे। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कि ईरान के तेल टैंकर पर हमले पिछले 2 दिनों में अमरीकी युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने के ईरान के दो प्रयासों के जवाब में किए गए। ओमान की खाड़ी में नष्ट किए गए ईरानी जहाजों में किविक, चारमीनार, होराइजन-1 और रीस्को शामिल हैं।

बंद हो सकता है स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज
हमलों के बीच होर्मुज को लेकर ईरान ने एक बयान जारी किया है। ईरान के अनुसार आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। IRGC ने बहरीन और कुवैत के बंदरगाहों के पास टैंकरों पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान ने पड़ोसी बंदरगाहों पर लंगर डाले हुए या बंदरगाहों के अंदर खड़े जहाजों को वहां से निकलने के लिए कहा है। IRGC ने चेतावनी दी है, कि अगर जहाज नहीं हटाए गए, तो जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
दुनिया में एक बार फिर महंगाई का ख़तरा
इसकी वजह से अब कच्चे तेल के दाम दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। यह एक बार फिर वैश्विक महंगाई की ओर संकेत दे रहा है। कुछ महीने पहले ही पूरा विश्व धीरे-धीरे इस महंगाई से उभर रहा था, लेकिन इस लड़ाई ने एक बार फिर विश्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हमने देखा था, कि होर्मुज़ बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की कमी से पेट्रोल पंप पर बड़ी-बड़ी कतारें लगी थी। कई पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए थे।
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25 प्रतिशत तक बढ़े कच्चे तेल के दाम
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर विश्व की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से लेकर अब तक कच्चे तेल की कीमत क़रीब 25 प्रतिशत बढ़ चुकी है और 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यमन में ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंका और बढ़ गई है। सबसे बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल कारोबार गुजरता है। अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार क़रीब 289.7 मिलियन बैरल तक गिर चुका है, जो 1982 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।





