- हादसे के बाद से ही फ़रार था मालिक हरिराम गुप्ता
- इमारत गिरने से छात्रों समेत 7 लोगों की हुई मौत
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में 6 सितंबर को दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 5 मंंजिला इमारत भरभराकर गिर गई और 7 लोगों की जान ले गई। यह इमारत PG (हॉस्टल) के रूप में संचालित होता था। इस बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। बताया जा रहा है, कि यह इमारत जर्जर हो चुकी थी और इसको नोटिस भी जारी किया जा चुका था। बावजूद इसके इसमें रह रहे छात्रों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया।
बेसमेंट में चल रहा था काम, पहले मिल चुका था नोटिस
7 मौतों के बाद प्रशासन जागा है और दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में गिरी 5 मंजिला इमारत के मालिक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जब यह हादसा हुआ, तो इस इमारत का मालिक हरिराम गुप्ता फ़रार था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई थी। आख़िरकार पुलिस ने मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
हादसे के बाद से फ़रार था मालिक
सत्य निकेतन में भ्रष्टाचार की इमारत गिरने के बाद से ही दिल्ली पुलिस हरिराम गुप्ता को ढूंढ रही थी। लेकिन हरिराम इमारत गिरते ही पुलिस से छिप रहा था। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस की टीम उसके आवास पर पहुंची थी, लेकिन मालिक अपने आवास पर नहीं मिला। इसके बाद शक हुआ, कि पुलिस से बचने के लिए हरिराम गुप्ता कहीं छिपा हुआ है। पुलिस ने उसके कई क़रीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। आख़िर में ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे भिवाड़ी से पकड़ लिया।
पत्नी और बेटे भी हिरासत में
81 वर्षीय हरिराम गुप्ता को पकड़ने के बाद, अब पुलिस ने 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ़्तार कर लिया है। हरिराम गुप्ता एयरफ़ोर्स से रिटायर हैं, वहीं बेटे की हार्डवेयर व पेंंटकी दुकान है। इसके अलावा पुलिस इस PG को चलाने वाले और कॉन्ट्रैक्टर-मजदूरों की भी तलाश कर रही है।






