- घाट पर अंतिम संस्कार में गए थे दोनों अधिवक्ता
- हादसे के वक़्त गुंबदनुमा के नीचे बैठे थे
गोरखपुर में रविवार को राप्ती नदी के तट पर स्थित गोरक्षघाट पर बड़ा हादसा हो गया। तेज़ बारिश के दौरान घाट पर बने गुंबदनुमा स्ट्रक्चर पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे स्ट्रक्चर धड़धड़ाते हुए गिर गया। उस दौरान दो लोग उस गुंबदनुमा स्ट्रक्चर के नीचे बैठे हुए थे, जो इस हादसे में मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों दीवानी कचहरी के अधिवक्ता थे। मौक़े पर मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला और इलाज के लिए ज़िला अस्पताल पहुंचाया, जहां एक की मौत हो गई। बाद में दूसरे घायल की भी देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।
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कैसे हुई यह घटना?
गोरखपुर के धुरियापार के भवानीपुर गांव निवासी 40 वर्षीय आलोक अस्थाना और अधिवक्ता संजय सिंह किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गोरक्षघाट गए थे। इसी दौरान तेज़ बारिश शुरू हो गई और बारिश से बचने के लिए दोनों गुंबदनुमा स्ट्रक्चर के नीचे बने चबूतरे पर बैठ गए। तभी आकाशीय बिजली गिरने से स्ट्रक्चर अचानक भरभराकर गिर गया और दोनों उसके मलबे में दब गए और बूरी तरह घायल हो गए।
5 मिनट में एंबुलेंस की खुली पोल, तोड़े एंबुलेंस के शीशे
इस हादसे के बाद गोरक्षघाट पर घबराहट की स्थिति पैदा हो गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए दोनों युवकों को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें ज़िला चिकित्सालय की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। बाद में इमरजेंसी से उन्हें बीआरडी अस्पताल रेफ़र किया गया। बताया जा रहा है, कि रेफ़र के दौरान एंबुलेंस के आने में घंटो इंतज़ार करना पड़ा। इस कारण घायलों की हालत ज़्यादा बिगड़ गई। नाराज़ लोगों न इस दौरान एंबुलेंस के शीशे भी तोड़ दिए।
इससे नाराज लोगों ने कहा, कि मुख्यमंत्री कहते हैं, कि प्रदेश में 5 मिनट में एंबुलेंस पहुंच जाएगी, लेकिन इस घटना ने इस सुविधा की पोल खोल दी है। प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
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अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी, हादसे की जांच के लिए टीम गठित
हादसे का पता चलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, कि मामले के सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी ने राजघाट हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति भी गठित कर दी है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया मुआवजे का ऐलान
गोरखपुर में आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। जिला प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री राहत कोष से आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।






