- भारत मंडपम में 2 दिन चलेगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
- चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भारत आना चर्चा में
नई दिल्ली में कल यानी 12 सितंबर से 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू होने जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन दो दिन (12 और 13 सितंबर) तक चलेगा। इस शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रीय राजधानी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस ब्रिक्स सम्मेलन का 11 देश हिस्सा होंगे, जिसमें भारत, चीन, रूस, ईरान, ब्राज़ील,, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया,,, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS 2026 का विषय है- “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” (“Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability.”)
BRICS में कौन-कौन से बड़े नाम होंगे शामिल
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भारत आना काफ़ी चर्चा में है। साथ ही दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फताह अस्सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन हिस्सा लेंगे। इसके अलावा अबू धाबी के युवराज शेख खालेद-बिन-मोहम्मद-बिन-जायद-अल-नहयान और इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद अली भी सम्मेलन में भाग लेंगे। इनके अलावा ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरु वीएइरा करेंगे, वहीं सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल-बिन-फरहान-अल-सऊद सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी सम्मेलन में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस और न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 7 साल बाद भारत में
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भारत आना देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भारत व चीन के बीच जिस तरह के गर्माहट भरे रिश्ते रहे हैं, उसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग की मुलाक़ात कई मायने में ख़ास होने वाली है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर सबकी नज़रें रहने वाली हैं। इस सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की मौजूदगी भी ख़ास रहने वाली है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है।





