- संशोधन विधेयक राज्यसभा मे मिली मंजूरी
- विपक्षी दलों ने कहा यह मात्र दिखावा
महीनों की हलचल के बाद संशोधन विधेयक
महीनों चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने युवाओं के भविष्य और पेपर लीक को गंभीरता से लेते हुए संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इसके बाद पहले लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में विधेयक पारित हुआ। इससे पहले परीक्षा व पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरती रहीं और हंगामें की वजह से ससंद को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा। हालांकि दोनों सदनों में क़ानून पारित होने के बावजूद विपक्षी दल इस नए विधेयक को दिखावा बता रहे हैं। उनका मानना है, कि इस क़ानून में संशोधन मात्र से पेपर लीक का हल नहीं हो सकता।
यह भी पढ़ें: NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रल्हाद जोशी के हाथ
नए बिल में दोषियों को सख्त सज़ा
Public Examinations Amendment Bill, 2026 के अंतर्गत पेपर लीक करने वाले दोषियों पर अब कड़ी कर्रवाई की जाएगी। इस बिल में सख्त दंड और जुर्माने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए विधेयक में 5 से 10 वर्ष तक की सज़ा, 1 करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
पेपर लीक की कार्रवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर पेपर लीक के निपटारे के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था। इसके तहत अब मामले की छानबीन पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने की तारिख़ से 2 महीने के अंदर पूरी करनी होगी। साथ ही आरोप पत्र दाखिल होने के 3 महीने के अंदर सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें: NEET पेपर लीक से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ तक: कैसे छात्र आंदोलन देश का सबसे बड़ा मुद्दा बना
सदन ने डॉ जितेन्द्र सिंह क्या कहा?
डॉ जितेन्द्र सिंह ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा, कि इस विधेयक के आने से छात्रों और युवाओं के भविष्य की रक्षा होगी और यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मे से एक है। उन्होंने कहा, कि पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और पिछली सरकारों के दौरान भी देश के कई भागों में पेपर लीक की घटनाएं होती रही हैं। उन्होंने साफ़ किया, कि परीक्षाओं में पेपर लीक को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती और पेपर लीक ना होना हमारी सरकार का संकल्प भी है।





