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धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफ़ा, एक महीने के छात्र आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच इस फैसले को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
  • पिछले 1 म‍हीने से जंतर-मंतर पर चल रहा था आंदोलन
  • पूरे देश के छात्रों ने की इस्‍तीफ़े की मांग

इस्‍तीफ़े की मांग पर थे अडिग

जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्‍व में NEET पेपर लीक और छात्रों के आत्‍महत्‍या के बाद महीनों से चल रहे छात्र आंदोलन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफ़े की मांग लगातार हो रही थी। ये आंदोलन वैसे तो तीन मांगों को लेकर चल रही थी, जिसमें पीड़ि‍त परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, ‘संसद चलों’ मार्च के दौरान हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों पर कोई केस दर्ज न हो और शि‍क्षा मंत्री का इस्‍तीफ़ा। इनमें से मुआवजा और केस दर्ज ना करने पर सरकार सहमत थी, लेकिन इस्‍तीफ़े पर बात अटकी हुई थी, लेकिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ इस्‍तीफ़े की मांग को लेकर अडिग थे।

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प्रधानमंत्री को सौंपा त्‍यागपत्र

जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन को देखते हुए आख़‍िरकार शि‍क्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद इस्‍तीफ़ा दे दिया। उन्‍होंने अपना त्‍याग पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा। पत्र के माध्‍यम शि‍क्षा मंत्री ने कहा, कि पिछले 10 दिन की घटनाओं से वो दुखी हैं और यह उनके लिए व्‍यक्तिगत प्रतिष्‍ठा का विषय नहीं है। उन्‍होंने कहा, कि भारत की युवा शक्ति इस असली व सबसे बडी ताक़त है और युवाओं को भ्रम में नहीं फ़ंसने देंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, कि जंतर-मंतर और देश में जो वर्तमान स्थिति बनी हुई है उसका राष्‍ट्रविरोधी ताक़तें लाभ न उठा सकें, इसलिए त्‍यागपत्र ज़रूरी था।

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NEET पेपर लीक से उठे शिक्षा मंत्री पर सवाल

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सवालों के घेरे में तब से आए जब से देश में बड़े पैमाने पर NEET पेपर लीक हुआ और इसके बाद हताश छात्रों के आत्‍महत्‍या ने मामले को और भी गरम कर दिया। तभी से पूरे देश के युवाओं में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति नाराज़गी देखी गई और वहीं से उनके इस्‍तीफ़े की मांग उठने लगी। यहीं से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अस्‍तित्‍व में आई। चीफ़ जस्‍टिस ऑफ़ इंडिया ने युवाओं के लिए कॉकरोच शब्‍द का इस्‍तेमाल किए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्‍लेटफ़ॉर्म पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की स्‍थापना की, जिसके बाद लाखों छात्र और युवा कॉकरोच जनता पार्टी को फ़ॉलो करने लगे। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की अगुवाई में जंतर-मंतर पर शि‍क्षा मंत्री के इस्‍तीफ़े की मांग को लेकर 1 महीने से आंदोलन चल रहा था।     ‍       

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