Headlines

चलती ट्रेन से गिरने ही वाला था यात्री, ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे ने जान पर खेलकर बचाई ज़‍िंदगी

इटारसी स्टेशन पर बैग चोरी के बाद चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश में यात्री गिरने लगा। ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे सुरक्षित बचा लिया।
  • ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे मानवता के प्रत्‍यक्ष उदाहरण
  • पानी लेने उतरा था, कि चोरी हो गया बैग

12753 नांदेड-हज़रत निज़ामुद्दीन एक्‍सप्रेस की घटना

पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में तत्परता, साहस, मानवता और सेवा का एक साथ मिश्रण दिखा। दरअसल गाड़ी संख्या 12753 नांदेड- हज़रत निज़ामुद्दीन संपर्क क्रांति में यात्रा कर रहे यात्री सुशील पाटिल मनमाड़ से भोपाल के लिए सामान्य श्रेणी के कोच में यात्रा कर रहे थे। जब ट्रेन इटारसी पहुंची तो सुशील कुछ देर बाद पानी लेने के लिए स्‍टेशन पर उतरे। इसी दौरान दुर्भाग्‍य से उनका बैग चोरी हो गया। उसमें रुपये, टिकट और दूसरे ज़रूरी सामान थे। अब वो अपने बैग की तलाशी में लग गए और उन्‍हें पता नहीं चला, कि ट्रेन कब खुल गई।

ट्रेन का आख़ि‍री कोच पकड़ने लगा यात्री

ट्रेन खुलते ही सुशील पाटिल घबरा गए और दौड़ कर ट्रेन का आख़ि‍री कोच पकड़ने लगे। इस दौरान ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे की इस पर नज़र पड़ी और उन्‍होंने सुशील को ऐसा करने से मना किया, लेकिन वो फ‍िर भी चलती ट्रेन पकड़ने में लगा रहा। ट्रेन की स्‍पीड बढ़ रही थी और इसी बीच चढ़ने के प्रयास में उसका संतुलन बिगड़ गया और वो गिरकर ट्रेन के साथ घि‍सटने लगे। लग रहा था, कि किसी भी क्षण हादसा हो सकता है।

जान की परवाह किए बिना ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे ने बचाई जान  

ऐसे में ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे मानवता और सेवा का नया उदाहरण बनकर सामने आए और अपनी जान की परवाह किए बिना उन्‍होंने यात्री को कस कर पकड़ लिया और पूरी ताक़त लगाकर उसे ट्रेन के भीतर खींच लिया और यात्री सुशील की जान बच गई। घि‍सटने की वजह से यात्री के पैरों चोट और सूजन आ गई। रोमेश चौबे ने सुशील के पैरों की मरहमपट्टी की। उसका सहयोग देते हुए उसके खाने की व्‍यवस्‍था भी कराई। इस घटना से पता चलता है, कि आज भी मानवाता और सेवा ज़िंदा है और ट्रेन मैनेजर रोमेश चौबे आज इसका प्रत्‍यक्ष उदाहरण बन गए हैं।    

सुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा, कि यात्री की सुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय रेल में हमारा दायित्व केवल ट्रेन का संचालन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक यात्री की सुरक्षा और आवश्यकता के समय उसकी सहायता करना भी है। यह घटना रेल की उस सेवा संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जिसमें कर्तव्य के साथ-साथ मानवता, संवेदनशीलता और यात्रियों के प्रति समर्पण सर्वोपरि है।

More Posts

छात्रों के PG पर टूटा कहर, दिल्‍ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, अबतक 6 लोगों की मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल हो रही 5 मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में 5 लोगों की मौत, 11 को सुरक्षित निकाला गया।

CGPSC रिजल्ट पर अभ्यर्थियों में नाराज़गी, 795 की जगह 608 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चयनित; आयोग ने स्‍पष्‍ट की वजह

CGPSC मुख्य परीक्षा 2025 के रिजल्ट में 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों के चयन पर नाराज़गी सामने आई है। जानिए आयोग ने कम चयन और पुनर्मूल्यांकन को लेकर क्या कहा।

नेपाल में बाढ़ की तबाही, मरने वालों की संख्‍या बढ़कर हुई 1,344

शुक्रवार को ऊपरी त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 9 दिन बाद 2 मजदूरों को ज़‍िंंदा बाहर निकाला गया है।

UPESSC ने स्पेशल TET 2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया

अब उत्‍तर प्रदेश में अपनी नौकरी बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए उत्तर प्रदेश के हज़ारों शिक्षकों के लिए यह परीक्षा बेहद अहम होने वाला है।

Send Us A Message