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NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रल्हाद जोशी के हाथ

NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया। राष्ट्रपति ने इस्तीफ़ा स्वीकार कर प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।
  • राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वीकार किया शि‍क्षा मंत्री का इस्‍तीफ़ा
  • धर्मेंद्र प्रधान के दस्‍तीफ़े की मांग को लेकर चल रहा था आंदोलन

इस्‍तीफ़े के साथ ख़त्‍म हुआ आंदोलन

आख़‍िरकार जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफ़े की मांग को मंज़‍िल मिल ही गई। महीनों से चल रही छात्रों व युवाओं की लड़ाई आज शि‍क्षा मंत्री के इस्‍तीफ़े के साथ ही ख़त्‍म हो गई। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की अगुवाई में शुरू हुआ यह आंदोलन देखते ही देखते पूरे देश के छात्राओं व युवाओं का आंदोलन बन गया। NEET पेपर का लीक होना शि‍क्षा मंत्री पर भारी पड़ गया। यहीं से शुरुआत होती है, जेन-ज़ी के आंदोलन की, जिसकी तीनों मांगों को सरकार मान गई है।

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प्रधानमंत्री को सौंपा त्‍यागपत्र

आज पूर्व शि‍क्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्‍यागपत्र सौंप दिया। पत्र के माध्‍यम से उन्‍होंने अपनी बात रखी, जिसमें उन्‍होंने कहा, कि पिछले 10 दिनों से जो भी घटनाएं हुई, उससे वह बेहद दुखी हैं। उन्‍होंने कहा, कि देश के युवा ही असली ताक़त हैं, इसलिए युवाओं को भ्रम में नहीं फ़ंसने देंगे। इसी के साथ ही छात्रों की मांगों को पूरा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी पद से इतीफ़ा दे दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है।

प्रल्हाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री

राष्ट्रपति भवन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफ़े का फ़ैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत लिया गया है। बता दें, कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का भार सौंप दिया है, यानी की प्रल्हाद जोशी अब देश के नए शिक्षा मंत्री होंगे। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी भारत के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री भी हैं। धर्मेंद्र प्रधान के ज्‍यागपत्र देने के बाद अब उनको शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्‍त भार सौंप दिया गया है।

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