- 48 किग्रा भार वर्ग में मीराबाई चानू स्वर्ण पदक
- 85 किलोग्राम वजन उठाने का बनया नया रिकॉर्ड
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलक (Weightlifter) मीराबाई चानू ने इतिहास रच दिया है। मीराबाई चानू ने ना सिर्फ़ 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि राष्ट्रमंडल खेलों में वेटलिफ़्टिंग में यह उनका लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है। कुल मिलाकर चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों के 4 पदक अपने नाम कर लिए हैं।
मीराबाई चानू ने रच दिया इतिहास
मीराबाई चानू ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल तो जीता ही, बल्कि 48 किलोग्राम भार वर्ग में 85 किलोग्राम का भार उठाकर नया रिकॉर्ड भी क़ायम किया है। मीराबाई चानू पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम में 85 किलोग्राम का भार उठाया है। इससे पहले माराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल में 82 किलोग्राम भार उठाने का रिकॉर्ड बनाया था और ग्लासगो में उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। 85 किलोग्राम का रिकॉर्ड ना सिर्फ़ कॉमनवेल्थ गेम में, बल्कि ओलंपिक स्तर पर भी नया कीर्तिमान है।
पहली कोशिश हुई असफ़ल
मीराबाई चानू ने स्नैच के पहले राउंड में अपने पुराने रिकॉर्ड 82 किलोग्राम भार उठाने से शुरुआत की, लेकिन वो इस वेट को उठाने में सफल नहीं हो पाई। दूसरी कोशिश में वो 82 किलोग्राम भार उठाने में सफल हुई। इसके बाद आख़िरी व तीसरे प्रयास में मीराबाई चानू 85 किलोग्राम का वजन उठाकर इतिहास रचने के साथ-साथ रिकॉर्ड भी स्थापित किया।
क्लीन एंड जर्क राउंड में उठाया 105 किलोग्राम वजन
क्लीन एंड जर्क राउंड में मीराबाई चानू ने 105 किलोग्राम वेट उठाने का निर्णय लिया। यहां भी वो पहली कोशिश में मंज़िल तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड मेडल पर अपनी मुहर लगा दी। इस तरह मीराबाई चानू ने कुल 190 किलोग्राम का वजन उठाया।






