- शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी का NTA के ख़िलाफ़ एक्शन
- UGC-NET के तीन विषयों में पाई गई गंभीर ख़ामी
पिछले कुछ महीनों में नेशलन टेस्ट एजेंसी (NTA) की जिस तरह से फ़ज़ीहत हुई है, उसका ज़िम्मेदार वो खुद है। NTA के अंतर्गत पहले भी पेपर लीक की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन NEET पेपर लीक होना NTA को भारी पड़ गया। NTA ने कभी ग़लतियों से सबक नहीं लिया और आख़िरकार एक न एक दिन एक ग़लती पकड़ी ही जाती है और NTA के साथ भी वही हुआ। नौबत यहां तक आ गई है, कि अब NTA को ‘बंद करो’ के नारे सुनने को मिल रहे हैं।
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NEET के बाद UGC-NET के 3 पेपर रद्द
NEET से सबक ना लेते हुए NTA ने जून 2026 में UGC-NET के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर गंभीर खामियों के चलते रद्द कर दिए गए है। ताज्जुब की बात है, कि इसके आंसर की जारी करने के बाद पेपर रद्द किया गया। मतलब इनको पहले ख़ामियां नहीं दिखाई दी। छात्र पिछले 2 महीने से परीक्षा परिणाम का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन उन्हें NTA से एक बार फिर निराशा हाथ लगी।
पानी जब सर के ऊपर चला
छात्रों के भविष्यों के साथ खिलवाड़ करते-करते टेस्ट एजेंसी को इसकी आदत हो गई थी, लेकिन पानी जब सर के ऊपर चला गया, तो NTA के ख़िलाफ़ छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। समय को देखते हुए यह होना भी ज़रूरी था, क्योंकि आप अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकते। इसी सिलसिले में अब NTA के कर्मचारियों को संस्था से हटाया जा रहा है।
NTA के 50 से ज़्यादा कर्मचारियों पर एक्शन
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद शिक्षा मंत्री बने प्रल्हाद जोशी ने NTA पर एक्शन लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक की। इसके बाद अधिकारियों से पता चला, कि NTA के 50 से ज़्यादा कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।
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NTA में कई नए पदों के लिए विज्ञापन जारी
NTA में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, महाप्रबंधक (टेस्ट सिक्योरिटी), महाप्रबंधक (आरएंडडी और साइकोमेट्रिक्स) समेत 10 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया, कि साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और दूसरे विशेषज्ञों के लिए निजी क्षेत्र से डोमेन विशेषज्ञों को भी जोड़ा जा रहा है।






