- भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़
- तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित बचाया
इससे भयानक और डरावना कुछ नहीं
किसी ने सोचा नहीं था, कि कुदरत का कहर इस तरह भारी विनाश की वजह बन जाएगा। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने सैकड़ो ज़िंदगियां तबाह कर दी हैं। इस तबाही से जुड़ी जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए इससे डरावाना और भयानक कुछ नहीं हो सकता है। ऐसी स्थिति कल्पना से भी परे है। जब यह अचानक फ़्लैश फ़्लड आया, तो बहुत लोग अपने काम में लगे हुए थे, तो कुछ टूरिस्ट बनकर टूर पर निकले थे, लेकिन अगले ही पल तबाही आने वाली है, किसी ने सोचा नहीं था।
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500 से ज़्यादा विदेशी नागरिक लापता
अब तक इस फ़्लैश फ़्लड में 270 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक 517 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है, वहीं कुल 28 पुलिसकर्मी संपर्क से बाहर हैं। पानी की रफ़्तार इतनी तेज़ थी, कि जिन्होंने ने भी उसे सामने से देखा उनकी रूह कांप गई और चीखें सुनाई दी। इस सैलाब में बड़े-बड़े पुल बह गए, सड़कें दलदल बन गई, मकान ढह गए और सैंकड़ों गाड़ियां तिनके की तरह बह गईं।
4,050 पुलिसकर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे
क़रीब 4,050 पुलिस जवान बचाव अभियान में तैनात किए गए हैं। 270 शवों में चितवन में 108, नवलपरासी पूर्व में 62, धादिंग में 27, गोरखा में 20 और रसुवा में 17 शव मिले हैं। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद कई घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इतनी बड़ी तबाही के बाद कहना मुश्क़िल है, कि यह आंकड़ा कहां जाकर थमेगा। यह नेपाल के लिए अबतक के लिए सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है।
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ये भारतीय हैं लापता
बताया जा रहा है, कि क़रीब 300 भारतीय इस विनाशकारी बाढ़ में लापता हैं। इनमें त्रिशूली-1 बिजली परियोजना में काम कर रहे 73 भारतीय भी शामिल हैं। साथ ही तमिलनाडु के 86 नागरिकों से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा, नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरे में पश्चिम बंगाल के 32 नागरिक और केरल के 33 नागरिक अभी भी लापता हैं। अच्छी ख़बर यह है, कि तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, कि भारतीय अधिकारी नेपाल के प्रशासन के साथ मिलकर फंसे भारतीयों से संपर्क करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि भारत ने नेपाल में जारी बचाव और राहत अभियानों में सहायता के लिए 47 टन से अधिक आपात राहत सामग्री भेजी है। साथ ही भारत बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए बेली ब्रिज भी भेज रहा है।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
पर्यटकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए पर्यटन बोर्ड ने टोल-फ्री नंबर 1234, हेल्पलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किए हैं।






