- 290 भारतीय नागरिकों की कोई ख़बर नहीं
- नेपाल में 910 लोग लापता
नेपाल-तिब्बत में अचानक आई बाढ़ ने एक पल में सबकुछ तबाह कर दिया। बताया जा रहा है, कि जब यह विनाशकारी फ़्लैश-फ़्लड आया उस समय पानी की रफ़्तार क़रीब 180 किलोमीटर प्रति घंंटा थी और इस रफ़्तार के सामने जो भर आया, उसे वो नष्ट करता चला गया। अब वो चाहे बड़ी इमारत हो, बड़े-बड़े पुल हों, सड़के हों या लोगों की बस्तिया हों। यह ऐसा जानलेवा सैलाब था, जिसने लोगों को मौक़ा तक नहीं दिया।
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290 भारतीय नागरिक लापता
नेपाल-तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही मची है। सीमा के दोनों ओर बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। इनमें नेपाल में 469 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दूसरी तरफ़ 290 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। भारत के नागरिकों को मिलाकर अबतक कुल 1,468 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, देश में 910 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है ।

तिब्बत में 500 से ज़्यादा लोग लापता
तिब्बत से भी 558 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर से, वहीं 796 लोगों को सड़क के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी प्रभावित ज़िलों से 800 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुके हैं। 7,451 सुरक्षाकर्मी लापता लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं।

रसुवा में 11 भारतीय सुरक्षित बचाए गए
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले के अनुसार, चितवन से अब तक 137 शव बरामद किए जा चुके हैं, जो बाढ़ प्रभावित जिलों में सबसे अधिक है। चितवन के अलावा रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी से भी शव बरामद किए गए हैं। दूसरी तरफ़ अधिकारियों ने रसुवा में फंसे 27 विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया है। इनमें 11 भारतीय हैं, वहीं 4 दक्षिण कोरियाई, 2 इतालवी और 2 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। बाक़ी 8 लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो सकी है। नेपाल सेना ने सभी सुरक्षित नागरिकों को हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया।

कैलाश मानसरोवर गए थे पर्यटक
जब भयानक फ़्लैश-फ़्लड आया, तो उस समय कई पर्यटक तिब्बत में कैलाश मानसरोवर या नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। इनमें कई भारतीय शाामल हैं। इस समय नेपाल में लोग घूमने जाते हैं। कुछ लोग ट्रैकिंग के लिए वहां गए थे, लेकिन अचनाक आए फ़्लैश फ़्लड ने सबकुछ तबाह कर दिया। बचाव दल कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों, निचले इलाक़ों और बाढ़ से बूरी तरह प्रभावित बस्तियों में हेलीकॉप्टर, ड्रोन और ज़मीनी दलों की मदद से तलाशी अभियान चला रहे हैं।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
पर्यटकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए पर्यटन बोर्ड ने टोल-फ्री नंबर 1234, हेल्पलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किए हैं।






