- यूपी में देखने को मिली कड़ी टक्कर
- कांग्रेस को 28 में से सिर्फ़ 1 सीट
पिछले कुछ वर्षों से विपक्षी दलों ने EVM को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं। उनकी मांग रही है, कि चुनाव बैलेट पेपर से हों, ताक़ि EVM की गड़बड़ी से बचा जा सके। इस समय देश में वोट वोरी का माहौल बना भी हुआ है और विपक्षी दलों ने चुनाव आयुक्त पर हल्ला बोल दिया है। ऐसे में चुनाव के परिणाम ना सिर्फ़ बीजेपी-एनडीए के प्रदर्शन की व्याख्या करते हैं, बल्कि EVM पर उठ रहे सवालों पर विराम लगाने का काम भी करता है।
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किस राज्य में कितनी सीटों पर लड़े गए चुनाव?
MLC चुनाव (विधान परिसद) का चुनाव 4 राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में संपन्न हुआ। इन चार राज्यों में कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ, जिसमें से 16 सीटों पर बीजेपी-एनडीए ने जीत की मुहर लगाई। MLC चुनाव में सीटों की बात करें, तो कुल 28 सीटों में से बिहार में 8, उत्तर प्रदेश में 11, कर्नाटक में 4 और महाराष्ट्र में 2 सीटों पर शिक्षक व स्नातक स्तर के वोट हुए।
कर्नाटक में कांग्रेस का नहीं खुला खाता
बता दें, कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने के पक्ष में रहने वाली कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन, MLC चुनावों में भी बेहद ख़राब रहा। सोचने वाली बात है, कि देश की इतनी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी का ग्राफ़ लगातार गिरता क्यों जा रहा है। हाल में कांग्रेस ने सरकार के ख़िलाफ़ बड़े-बड़े प्रदर्शन किए, वहीं चोट चोरी को लेकर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कर्नाटक में जहां कांग्रेस की अपनी सरकार है, वहां इनका खाता भी नहीं खुल सका। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
कर्नाटक में कांग्रेस का नहीं खुला खाता
कर्नाटक में बीजेपी और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस का प्रदर्शन ज़बरदस्त रहा। यह प्रदर्शन इसलिए भी ख़ास है, क्योंकि इस समय कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और वहां के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार है। बता दें, कि एनडीए ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स, साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स और वेस्ट ग्रेजुएट्स सीटों पर जीत हासिल की, वहीं जेडीएस ने बेंगलुरु टीचर्स सीट अपने नाम की। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही गढ़ में चारों सीट हार गई।
यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी की कड़ी टक्कर
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव हुए हैं, जहां 6 सीटों में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की वहीं 5 में समाजवादी पार्टी ने बाजी मारी। इस चुनाव के इसलिए भी बड़े मायने हैं, क्योंकि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव होने हैं। इन नतीजों को देखकर यह कहा जा सकता है, कि बहजेपी ने भले ही बाजी मार ली हो, लेकिन समाजवादी पार्टी ने कड़ी टक्कर दी है।
यूपी में स्नातक क्षेत्र से मेरठ, आगरा, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी-मिर्ज़ापुर, वहीं शिक्षक क्षेत्र से मेरठ, लखनऊ, आगरा, बरेली-मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर-फैजाबाद में विधान परिषद के चुनाव हुए।
बीजेपी ने मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक, आगरा स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर जीत हासिल की। दूसरी तरफ़ समाजवादी पार्टी ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी-मिर्ज़ापुर स्नातक और लखनऊ स्नातक की सीटें जीत ली हैं।
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बिहार में आरजेडी ने किया उलटफेर
बिहार में 8 सीटों लड़ाई में चार सीटों पर अलग-अलग दलों ने हासिल की। जेडीयू के नीरज कुमार तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से विजयी रहे, वहीं बीजेपी ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें कोशी स्नातक से डॉ एनके यादव और तिरहुत शिक्षक से नरेंद्र प्रसाद सिंह ने शामिल हैं। इस चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार डॉ संजीव सिंह ने पटना शिक्षक क्षेत्र से बीजेपी के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को हरा दिया। दरभंगा स्नातक क्षेत्र से भी आरजेडी के उम्मीदवार अनिल झा ने जीत दर्ज की है।
इसके अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवारों ने तिरहुत स्नातक से (बंशीधर ब्रजवासी) और सारण शिक्षक (राहुल राज) ने बाजी मार ली है। दूसरी तरफ़ जन सुराज पार्टी भी इस चुनाव में पीछे नहीं रही और दरभंगा शिक्षक सीट से उम्मीदवार (डॉ सुरेश प्रसाद राय) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया। इस जीत के साथ जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद में अपना खाता खोल लिया है।
महाराष्ट्र में पीछे रही बीजेपी
महाराष्ट्र में 5 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनाव में अमरावती शिक्षक क्षेत्र से शिवसेना (शिंंदे गुट)) की किरण सरनाईक ने कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे को 8 हज़ार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की, वहीं, पुणे शिक्षक क्षेत्र से बीजेपी के कौस्तुभ गावडे ने कांग्रेस के जयंत आसगावकर को हराकर जीत हासिल की।
इस विधान परिषध चुनाव में कांग्रेस को मात्र एक सीट पर जीत मिली। कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट से अपना खाता खोला। नागपुर से अभिजीत वंजारी ने बाजी मारी। साथ ही एनसीपी (शरद पवार गुट) ने इस MLC चुनाव में 2 सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें पुणे स्नातक सीट से हर्षदा देशमुख पाठक और छत्रपति संभाजीनगर से डॉ प्रतापसिंह पाटिल जीते।
चार राज्यों के इन चुनावों ने ईवीएम और बैलेट पेपर को लेकर जारी राजनीतिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।





