- 5 दिन की CBI रिमांड पर मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार
- नशीले पदार्थ की अवैध बिक्री पर उठाई थी आवाज़
पंजाब के मानसा के चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से हर कोई परिचित होगा, कि कैसे नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने की पहल चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी। इसके घटना के बाद लोगों में गुस्सा तो है ही, वहीं पंजाब सरकार पर सवाल भी उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह पंजाब में गोलीबारी, हत्या और गैंगस्टर से जुड़ी आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, वह सुरक्षा पर गंभरी चोट करता है, जिसका इलाज करने में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान विफल नज़र आ रहे हैं।
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पंजाब में बढ़ती आपराधिक घटनाएं
पंजाब के मानसा के चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड इसका प्रमाण है, कि पंजाब में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अगर सुरक्षा व्यवस्था ठीक और कड़ी होती, तो ऐसा कांड करने से अपराधी डरते। यह बेहद निंदनीय घटना है, जहां ईमानदारी से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता पर गोलियां बरसा दी गई। इससे पता चलता है, कि आज के दौर में ईमानदारी से काम करना किसी जंग से कम नहीं है, जहां हर पल जान जाने का खतरा बना रहता है। इस घटना से यह भर पता चलता है, कि आज के दौर में ग़लत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना कितना मुश्क़िल है। यही कारण है, कि आज ज़्यादातर लोग अपराध होता देखकर भी अनदेखा करते हैं, क्योंकि आवाज़ उठाने पर उनको अपनी सुरक्षा नज़र नहीं आती।
पंजाब सरकार की मुश्क़िलें बढ़ीं
परविंदर सिंह झोटा की हत्या करने वाला अश्विनी कुमार आज सलाखों के पीछे है, लेकिन हत्या करते वक़्त उसकी रूह जरा भी नहीं कांपी और गोलियां चला दी। शायद उसे लग रहा होगा, कि मेरा कोई क्या बिगाड़ लेगा, क्योंकि मेरे पास ताकतवर गैंग है। इस हत्या के बाद जिस तरह से जनआक्रोश दिखा, इसके बाद पंजाब सरकार की मुश्क़िले बढ़ गई है और इस मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ़ दिलाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। इस मामले में 3 और आरोपी विपिन गर्ग, लाडी सिंह और नीलम रानी शामिल हैं।
आरोपी को 5 दिन की पुलिस रिमांड
बता दें, कि आरोपी अश्विनी कुमार व परविंदर के बीच नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद यह घटना सामने आई। इस हत्याकांड की जांच अब CBI को सौंप दी गई है और अश्विनी कुमार पर कार्रवाई करते हुए मोहाली स्थित CBI अदालत में पेश किया गया, जहां अश्विनी को 5 दिनों के CBI रिमांड पर भेज दिया है। अब CBI रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा 3 आरोपियो विपिन गर्ग व लाडी सिंह को भी 5 दिन की, वहीं नीलम रानी को 4 दिन के CBI रिमांड में भेजा गया है।
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अश्विनी कुमार का फार्मासिस्ट पंजीकरण रद्द
पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने एक्शन लेते हुए, मामले में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए उसका फार्मासिस्ट पंजीकरण रद्द कर दिया है। अश्विनी कुमार का पंजीकरण 10 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसे निरस्त कर दिया गया है।
मांगें पूरी होने तक पोस्टमॉर्टम से परिवार का इनकार
दूसरी तरफ़ समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने पोस्टमॉर्टम करने से साफ मना कर दिया है। उनका कहना है, कि जब तक उनकी पूरी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करने देंगे। इसके बाद आरोपी अश्विनी कुमार की मुश्क़िलें बढ़ने लगी हैं।





