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ब्राजील चुनाव में लूला डा सिल्वा की ऐतिहासिक जीत से क्‍यों लगा अमेरिका को झटका?

लूला डा सिल्वा ने राष्‍ट्रपति चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया। जनवरी 2027 में वह चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।
  • लूला को 51.8 और बोल्सोनारो को मिले 48.21 प्रतिशत वोट
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

ब्राजील में हुए राष्‍ट्रपति चुनाव में लूला डा सिल्वा ने इतिहास रचते हुए एक बार फ‍िर अपनी जीत पर मुहर लगा ली है। यह चौथी बार होगा, जब लूला डा सिल्वा राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इससे पहले लूला वर्ष 2002, 2006, 2022 में राष्‍ट्रपति‍ का कार्यभार संभाल चुके हैं। अब वह जनवारी 2027 में चौथी बार ब्राजील का राष्‍ट्रपति पद संभालेंगे। इस चुनाव में उन्‍हें 51.8 प्रतिशत वोट मिले।

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कौन है फ्लावियो बोल्‍सोनारो, जिनको चुनाव में मिली हार

लूला डा सिल्वा के सामने इस बार सीनेटर फ्लावियो बोल्‍सोनारो से थी। फ्लावियो बोल्‍सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्‍ट्रपति जायर बोल्‍सोनारो के बेटे हैं। वर्ष 2022 में लूला ने जायर बोल्‍सोनारो को राष्‍ट्रपति चुनाव में हरा दिया था। इस बार उनके बेटे फ्लावियो चुनावी मैदान में खड़े थे, ले‍किन उन्‍हें चुनाव में 48.21 प्रतिशत वोट मिले। लूला डा सिल्‍वा ने क़रीब 44 लाख वोटों से जीत हासिल की।

पूर्व राष्‍ट्रपति जायर बोल्‍सोनारो क्‍यों हैं जेल में?

बता दें, कि ब्राजील के पूर्व राष्‍ट्रपति जायर बोल्‍सोनारो को जेल की सजा मिल चुकी है। वर्ष 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद उन्‍होंने तख्‍़तापलट करने की साजिश रची थी, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्‍हें 27 साल कारावास की सजा सुनाई थी। इसका असर इस चुनाव में देखने को मिला और उनके बेटे की इस चुनाव में हार हो गई है।

लूला की जीत से अमेरिका के बढ़ते प्रभाव पर लगेगा लगाम

माना जाता है, कि बोल्‍सोनारो अमेरिकी राष्‍ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप के क़रीबी है और ट्रंप चाहते थे, कि वह इस चुनाव में जीत हासिल करें। डाेनाल्ड ट्रंप को लूला डा सिल्‍वा का अलोचक माना जाता रहा है और कहा जा रहा है, कि वह इस परिणाम से बेहद आहत हैं। लूला के लिए इस जीत के कई मायने हैं, क्‍योंकि लैटिन अमेरिका (जैसे ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना, कोलंबिया, चिली, पेरू और क्यूबा) में जिस तरह से अमेरिका का प्रभाव बढ़ रहा था, उसे देखते हुए यह जीत दक्षि‍णपंथी राजनीति पर लगाम लगाने का काम करेगा। इस जीत के साथ लैटिन अमेरिका की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लूला को दी बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लूला को इस जीत पर शुभकामनाएं दी है। उन्‍होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर भारत-ब्राजील की चर्चा करते हुए लिखा, कि इस जीत से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मतबूती मिलेगी। लूला हाल ही में ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के मौक़े पर भारत आए थे।

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