- 17 परीक्षाओं की होगी CID जांच
- नौकरी पेशा लोगों में फ़ैसले के बाद उबाल
झारखंड में इस समय आंदोलन का दौर चल पड़ा है। अभी छात्र आंदोलन ख़त्म भी नहीं हुआ था, कि सरकार ने जैसे ही JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और 2014 से अभी तक की सभी परीक्षाओं की जांच करने का फ़ैसला सुनाया, तो दूसरी तरफ़ इन परीक्षाओं को पास कर नौकरी कर रहे युवा में आक्रोश दिखे और सरकार के फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा, कि सरकार ने छात्र आंदोलन के दबाव में यह फ़ैसला सुनाया है। अब वो इस फ़ैसले को वापस लेने के लिए आंदोलन में कूद पड़े हैं। अब झारखंड सरकार व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
यह भी पढ़ें: JSSC-CGL रद्द होने पर दो खेमों में बंटा झारखंड, कहीं जश्न तो कहीं विरोध
44 परीक्षाओं में 342 अधिकारियों की हुई थी नियुक्ति
इसी बीच झारखंड सरकार ने JSSC और JPSC में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच वर्ष 2010 से अब तक हुई 44 नियुक्ति परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है, जिनमें 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है, जिसमें कुल 342 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी।
अभय तिवारी से पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा
CID की अभय तिवारी से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ था, जिसमें पता चला था, कि 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में भी कई अभ्यर्थियों ने पैसे देकर नौकरी पाई थी। इस खुलासे के बाद हेमंत सरकार ने 6 भर्ती परीक्षाओं को CID की जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है, जबकि 17 भर्ती परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया है।
यह भी पढ़ें: JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 24 दिन के छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने मानी छात्रों की मांग
44 भर्ती परीक्षा रद्द होने से नौकरी पेशा लोगों में आक्रोश
नौकरी पेशा युवा सरकार के फ़ैसले से पहले से ही नाराज़ थे और अब इस निर्णय के बाद हज़ारों की संख्या में नौकरी पा चुके लोगों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है, कि इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने का को रद्द करने का ऐलान किया था, लेकिन अब 11वीं-13वीं JPSC और JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षा रद्द करने के फ़ैसले ने नौकरी पेशा लोगों को अंदर से तोड़ दिया है।
नॉन-टीचिंग पदों की भर्ती परीक्षा रद्द
इनमें विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पदों की भर्ती (विज्ञापन संख्या 09/2025), सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैकलॉग और नियमित) – 10/2025 व 11/2025, ड्रग इंस्पेक्टर (12/2025), सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफ़ेसर (बैकलॉग) – 02/2026, सरकारी पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (बैकलॉग व नियमित) – 03/2026 व 04/2026 और मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफ़ेसर (07/2026) की भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया है।
संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 रद्द
सरकार ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी, सहायक लोक अभियोजक (बैकलॉग व नियमित), झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 (नियमित और बैकलॉग) तथा 2023 बैकलॉग जैसी परीक्षाएं भी रद्द की गईं। फ़ूड सेफ्टी ऑफ़िसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफ़िसर और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 को भी रद्द कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: “छात्र मांग रहे हैं न्याय, सियासत तलाश रही है अपना मुद्दा; झारखंड आंदोलन में बढ़ी राजनीतिक गर्मी”
TDPL या अन्य विवादित एजेंसी से जुड़ी परीक्षाएं रद्द
आंशिक रूप से TDPL या अन्य विवादित एजेंसी से जुड़ी 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर भर्ती (11/2018) और झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट 2024 (08/2025) को भी रद्द किया गया। गौरतलब है कि जिन भर्ती परीक्षाओं का प्रारंभिक काम TDPL के अलावा किसी अन्य एजेंसी ने किया था, उन्हें अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। इनमें फ़ूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसीक्यूशन), प्रोजेक्ट मैनेजर, फ़ैक्ट्री इंस्पेक्टर, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर की भर्तियां शामिल हैं।

विवादित परीक्षा एजेंसियों की जांच अब CID के पास
विवादित परीक्षा एजेंसियों के क्रेडेंशियल्स की जांच CID को सौंप दी गई है। झारखंड सरकार ने 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती (2013), सिविल जज भर्तियां, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, फ़ूड सेफ्टी ऑफ़िसर, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता और डेंटल डॉक्टर जैसी 17 परीक्षाओं की जांच अब CID से कराने का निर्णय लिया है।
परीक्षा सुधार के लिए सरकार के 3 महत्वपूर्ण फ़ैसले
सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग में सरकार ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तीन महत्वपूर्ण फ़ैसले किए, जिनमें पहला JPSC और JSSC में अनियमितता और धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने के लिए हाईकोर्ट से अनुरोध किया जायेगा। दूसरा, JPSC और JSSC में ‘इंटरलन मॉनिटरिंग सेल’ का गठन किया जायेगा। तीसरा, प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा।






