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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: गोल्डनबॉय नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में जोड़ा एक और स्वर्णिम अध्याय

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। जानिए उनके पदकों से भरे सफर की पूरी कहानी।
  • जैवलिन थ्रो में मिला सिल्‍वर मेडल
  • भारत के यशवीर सिंह को मिला ब्रॉन्‍ज़

नीरज चोपड़ा का फ़ाइनल में 85.83 मीटर थ्रो

ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 में नीरज चोपड़ा ने पुरुष जैवलिन थ्रो स्‍पर्धा में एक बार फ‍िर साबित किया, कि आख़‍िर क्‍यों उनको जैवलिन थ्रो का गोल्‍डनबॉय कहा जाता है। नीरज चोपड़ा ने फ़ाइनल में 85.83 मीटर थ्रो के साथ सिल्‍वर मेडल अपने नाम किया।

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भारत को एक साथ दो मेडल

नीरज चोपड़ा के अलावा भारत के एक और युवा खि‍लाड़ी यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्‍ज़ मेडल अपने नाम किया। यानी ग्‍लास्‍गो राष्‍ट्रमंडल खेल के अंतर्गत जेवलीन थ्रो में भारत को दोहरी ख़ुशी मिली है और यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। इस प्रतियोगिता में श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 89.75 मीटी थ्रो करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया।       

यूंही नहीं बने नीरज चोपड़ा गोल्‍डनबॉय

वर्ष 2018 के जकार्ता एशिय‍न गेम्‍स और कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में गोल्‍ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई थी। उसके बाद नीरज ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उसके बाद वर्ष 2018 से लेकर अब तक जीतने भी बड़े मंच पर प्रतियोगिताएं हुई नीरज चोपड़ा ने हर बार पदक अपने नाम किया। साल 2020 टोक्‍यो ऑलंपिक में भी ज़बरदस्‍त प्रदर्शन करते हुए उन्‍होंने 87.58 मीटर थ्रो कर गोल्‍ड मेडल जीता था और पूरी दुनिया में छा गए थे। यहीं से उन्‍हें गोल्‍डनबॉय के नाम से पहचान मिली। यही नहीं नीरज चोपड़ा भारत की तरफ़ से जैवलीन थ्रो में गोल्‍ड जीतने वाले पहले खि‍लाड़ी बने। साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 में नीरज ने एक बार फ‍िर अपनी ताक़त का परिचय देते हुए सिल्‍वर अपने नाम किया।   

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नीरज चोपड़ा की निरंतरता है उनकी पहचान

नीरज चोपड़ा ने साबित किया है, यदि लगातार अपने ऊपर काम किया जाए, तो उसके परिणाम भी सकारात्‍मक होते हैं। नीरत चोपड़ा की इसी निरंतरता ने उनको इस मुकाम पर पहुंचाया है, जहां आज पूरी दुनिया में जैवलीन थ्रो में नीरज चोपड़ा एक बड़ा नाम है। बात गोल्‍ड और सिल्‍वर जीतने की नहीं है। ज़रूरी है, कि हम नीरज चोपड़ा से क्‍या सीख सकते हैं। नीरज चोपड़ा अब तक हर बड़े आयाजनों में गोल्‍ड से लेकर सिल्‍वर जीतते रहे हैं, लेकिन वो हर बार ख़ुद को नए सिरे तैयार करके और नई चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ते नज़र आते हैं। जीवन में कामयाबी को बरक़रार रखने के लिए इसी सोच की ज़रूरत है, कि हम पिछली सफलताओं को भूलकर ख़ुद को शून्‍य मानते हुए अपने ऊपर काम करते रहें।

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