- अधिवक्ता का शव फंदे से लटका मिला था
- ससुराल वालों ने इसे आत्महत्या बताया
झारखंंड के हजारीबाग में झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले में आरोपी पति कुशाग्र रुद्रा राणा ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रूपक कुमार ने बताया, कि आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए कई ज़िलों में छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का दबाव लगातार बढ़ने के बाद आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए अदालत में आवेदन देगी, ताक़ि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
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फंदे से लटकी मिली थी अनुष्का चक्रवर्ती
आरोपी पति के सरेंडर करने के बाद यह बात लगभग साफ़ हो जाती है, कि अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती और भाई देवजीत चक्रवर्ती जो कह रहे थे, उसमें सच्चाई है। बता दें, कि 22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स स्थित कमरा नंबर 304 में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया था, जिसे ससुराल वालों ने आत्महत्या बताया था, लेकिन पिता और भाई ने इसे आत्महत्या मानने से मना कर दिया था। साथ ही ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस सरेंडर ने काफी कुछ बयां कर दिया है।
लॉ की पढ़ाई करते वक़्त मिले थे अनुष्का और कुशाग्र
इस घटना के बाद लोग व अधिवक्ता नाराज़ थे और बड़ी तादाद में लोगों ने मोमबत्ती मार्च निकालकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस के दबाव में आख़िरकार आरोपी पति ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बता दें, कि लॉ की पढ़ाई करते वक़्त अनुष्का चक्रवर्ती और कुशाग्र रुद्रा राणा की मुलाकात हुई थी,जो बाद में शादी में बदल गई। अब सवाल उठता है, कि आख़िर ऐसा क्या हुआ, कि मामला यहां तक पहुंच गया।
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दो दिन के रिमांड पर आरोपी
घटना के बाद से ही मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। घटना के क़रीब 48 घंटे बाद मृतका का अंतिम संस्कार वाराणसी में किया गया। पुलिस ने सरेंडर के बाद कुशाग्र रुद्रा राणा को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने पूछताछ के लिए न्यायालस से 72 घंटे का समय मांगा थाा,लेकिन पूछताछ के लिए 48 घंटो का वक़्त मिला। पुलिस रिमांड के बाद इस कड़ी से जुड़े और भी तथ्य सामने आएंगे।




