हरियाणा के पंचकुला स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल की घटना ने दिल झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में KG में पढ़ने वाली छोटी बच्ची को तीसरी क्लास में पढ़ने वाले छात्र ने गमले और पत्थर से हमला किया। वह आरोपी छात्र, जिसकी उम्र सिर्फ़ 8 वर्ष के आसपास बताई जा रही है, वह सिर्फ़ यहीं नहीं रुका, बल्कि उसके सर को डेस्क पर पटका, उसे नीचे गिराकर लातों से पीटता रहा, घसीट-घसीट कर मारता रहा। छोटी सी बच्ची बेसुध होकर नीचे पड़ी रही, लेकिन बावजूद इसके वो आरोपी लड़का बाज़ नहीं आया और पत्थरों से वार करता रहा, मानों लगता था, कि वो बच्ची की जान ही ले लेगा।
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स्कूलों में सुरक्षा एक सवाल
ये बड़े-बड़े स्कूल सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन यह कैसी सुरक्षा है, जहां CCTV कैमरे में सब रिकॉर्ड होता है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। कहने के लिए स्कूल में मैनेजमैंट की पूरी टीम है, जो स्कूल की देख-रेख करने में जुटे रहते हैं। अब इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा और मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं और उन्हें यह पूरा विश्वास होता है, कि उनका बच्चा वहां सुरक्षित पढ़ रहा होगा और छुट्टी के बाद वह सुरक्षित घर लौट आएंगे, लेकिन इस घटना ने सभी माता-पिता के विश्वास को तोड़ने का काम किया है।
बेहद नाजूक स्थिति में थी बच्ची, स्कूल के लिए शर्त की बात
इस घटना के बाद बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी। बच्ची को पहले सेक्टर 6 स्थित अस्पताल में ले जाया गया, हालत नाजुक होने के चलते बच्ची को PGI चंडीगढ़ रेफ़र कर दिया गया। बताया जा रहा है, कि बच्ची अब ख़तरे से बाहर है और अब पहले से बेहतर है। स्कूल के बाद हुई यह घटना स्कूल के लिए बेहद शर्म की बात है। स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक और प्रबंधन के लिए यह बेहद शर्मिंदगी की बात है। यह देखकर सवाल तो उठता ही है, कि यह कैसी स्कूली शिक्षा है, जहां बच्चे हिंसा करना सीख रहे हैं। प्रश्न यह भी उठता है, कि कहां हैं स्कूल की सुरक्षा? अगर प्रबंधन मजबूत होता, तो यह घटना कभी नहीं होती या इसे रोक लिया जाता।
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तीसरी कक्षा के बच्चे की हिंसात्मक सोच कैसे
सवाल तो यह भी उठता है, कि आख़िर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला 8 वर्ष का छात्र इस तरह का क्रूर क़दम कैसे उठा सकता है। आख़िर उसकी सोच में हिंसा कहां से पैदा हो गई, कि उसने इतनी छोटी सी मासूम बच्ची को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। आज के दौर में यह किस तरह की शिक्षा मिल रही है, कि छोटे-छोटे बच्चे जो अभी ठीक से चलना सीख रहे हैं, वो हिंसात्मक होते जा रहे हैं। इसका बहुत बड़ा कारण रिल्स को भी माना जा रहा है। साथ ही माता-पिता अपने बच्चों को क्या सीख दे रहे हैं? उनको पता होना चाहिए, कि हमारा बच्चा किस पथ पर चल पड़ा है। अगर हम अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देंगे, तो यही होगा, जो पंचकुला के संस्कृति मॉडल स्कूल में देखने को मिला। ज़रा सोचिए अगर ऐसी सोच वाले बच्चे कल को हमारा भविष्य हो तो क्या होगा?
हर तरह से होगी जांच
पुलिस अब इस घटना की जांच कर रही है, कि आख़िर आरोपी लड़के ने इतनी छोटी बच्ची को इतनी बूरी तरह क्यों पीटा। साथ ही आरोपी बच्चे के माता-पिता से लेकर स्कूल प्रिसिपल, स्कूल प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी। इसमें आरोपी एक 8 साल का बच्चा है, इसलिए इस मामले में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी कार्रवाई कर रहा है। इस घटना ने स्कूलों को अब चिंता में डाल दिया है और उनके सामने चुनौती भी खड़ी होगी।




