- लोग डरकर साइबर क्राइम का हो जाते हैं शिकार
- हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर करें शिकायत
अच्छे-अच्छे पढ़े-लिखे लोग भी हो रहे हैं ठगी का शिकार
हमारे देश में आज बड़े पैमाने पर साइबर ठगी हो रही है। जैसे-जैसे हम ख़ुद को अपडेट कर रहे हैं, वैसे-वैसे ये साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीक़ों की खोज कर रहे हैं। ऐसे में अच्छे-अच्छे पढ़े-लिखे लोग भी इनके झांसे में आकर इनका शिकार बन रहे हैं और आए दिन हमें यह ख़बरे देखने और सुनने को मिलती रहती है। इस ठगी के चक्कर में आत्महत्या जैसी ख़बरे भी सुनाई देती हैं।
साइबर अरेस्ट का ख़तरा, डरें नहीं
साइबर क्राइम के अंतर्गत अब साइबर अरेस्ट का ख़तरा पिछले कुछ वर्षों में बढा है, जिसके अंतर्गत लोगों को डराकर-धमकाकर उन्हें डिजिटली बंधक बनाकर उनक सारे पैसे खाते से निकाल लेते हैं। कभी-कभी तो करोड़ों रुपये भी ये अपराधी आसानी से पुलिस और कोर्ट के नाम पर डरा कर हड़प लेते हैं। बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए आज लोगों को अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म से साइबर के प्रति जागरुकता बढ़ाई जा रही है। जगह-जगह कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें यह बताया जाता है, कि डरें नहीं और साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
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नोएडा में ऑपरेशन “Cy-Vajra”
इस बीच नोएडा के कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस को साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों को पकड़ने में बड़ी कामसाबी हासिल हुई है। दरअसल पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा अभियान ऑपरेशन “Cy-Vajra” चलाकर साइबर क्राइम से जुड़े बड़े नेटवर्क को ध्वस्थ करने का काम किया। इस दौरान डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
700 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ
ऑपरेशन “Cy-Vajra” के अंतर्गत नोएडा में अवैध रूप से चलाए जा रहे 8 कॉल सेंटरों का पर्दाफ़ाश हुआ। इस दौरान पुलिस ने इस मामले से जुड़े 700 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस की जांच तेज़ हुई और म्यूल बैंक खाते का पता चला, जिसे बेचने और साइबर ठगी के नेटवर्क को सहयोग देने के आरोप में 49 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया। बड़ी बात यह है, कि गिरफ़्तार आरोपियों में एक नाइज़ीरिया देश का भी है।
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क्या-क्या मिला पुलिस को?
ऑपरेशन “Cy-Vajra” के दौरान हुई कार्रवाई में पुलिस को 67 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड और 81 डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ-साथ 5 लाख रुपये से अधिक की नक़दी मिली। बता दें, कि नाइज़ीरियाई नागरिक से जो डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, उनका संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज की कई शिकायतों से भी मिला है।
इस दौरान डीसीपी साइबर ने कहा, कि साइबर अपराध के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर देने की अपील की है।




