- हवाला के माध्यम से करोड़ो रुपये भेजे गए विदेश
- महादेव ऑनलाइन का पैसा रिश्वत देने में होता था इस्तेमाल
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में केंद्रीय अन्वेक्षण ब्यूरो (CBI) का बड़ी कामयाबी मिली है। CBI ने 6 हज़ार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह के सरगना और मुख्य साजिशकर्ता सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया है। सौरभ चंद्रकर को अब छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें, कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद रॉयल ओमान पुलिस ने सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया। CBI की एक टीम उसे वापस लाने के लिए ओमान के मस्कट गई थी।
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सौरभ चंद्राकर पर कई आपराधिक आरोप
सौरभ चंद्राकर पर कई गंभीर आपराधिक आरोप हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ जुआ (निषेध) अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और लोक सेवक रिश्वतखोरी से संबंधित दो आरोपपत्रों में उसे मुख्य आरोपी बनाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में चंद्रकर पर मुकदमा दायर किया है। सौरभ चंद्राकर पर अवैध लाभ को लेनदेन के माध्यम से बांटे जाने और हवाला के ज़रिए करोड़ो रुपये भारत से बाहर भेजे जाने का भी आरोप है।
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क्रिकेट, फुटबॉल, ताश जैसे कई पैनलों में होती थी सट्टेबाजी
जांचकर्ताओं के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक ऑपरेशन भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित अवैध सट्टेटेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग समूह में से एक था। यह लोकल फ्रेंचाइजी “पैनलों” और “शाखाओं” के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और कई आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी की सुविधा देता था। जांच में यह भी पता चला है कि इस सिंडिकेट को चलाने के लिए, आय का एक हिस्सा नियमित रूप से सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत देने में इस्तेमाल किया जाता था।




