- 9 छात्र आमरण अनशन पर, एक छात्र अस्पताल में भर्ती
- सोनम वांगचुक से वार्ता कर देवेन्द्र नाथ महतो ने किया जल ग्रहण
झारखंड के छात्र आंदोलन ने धीरे-धीरे व्यापक रूप पकड़ लिया है। रांची में इस आंदोलन को 15 दिन हो गए हैं, लेकिन झारखंड की सरकार अब तक ख़ामोश हैं, लगता है आंदोलन पर बैठे छात्र व युवाओं के सवालों का जवाब सरकार के पास नहीं है। जंतर-मंतर की तरह ही यहां भी छात्र अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन यहां दिल्ली की तरह यह आंदोलन सुर्खियों में नहीं है और ना ही कोई बड़ा नाम इस आंदोलन से जुड़ा हुआ है।
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शांतिपूर्ण तरीक़े से चल रहा आंदोलन
दरअसल यह आंदोलन बड़े शांतिपूर्ण वातावरण में चल रहा है। ना तो यहां किसी प्रकार की रील बनाई जा रही है, ना ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर यह ट्रेड कर रहा है और ना ही यहां सुर्खियों रहने के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग व जोर-जोर से देश विरोधी नारे लग रहे हैं। यहां बस छात्र हैं, तो अपनी मांगों को सरकार के सामने रख रहे हैं। छात्र पिछले 15 दिनों से JPSC/ JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, OMR शीट में गड़बड़ी और पेपर लीक के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग है, कि सरकार इन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा ले।

झारखंड सरकार अब भी ख़ामोश
यही नहीं झारखंड के छात्रों ने यह भर आरोप लगाए हैं, कि सरकार ने वर्ग के अनुसार कट-ऑफ़ मार्क्स जारी नहीं किया और परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक नहीं किए गए। यही नहीं वहां की सरकार पर भर्ती घोटाले के भी आरोप लगे हैं, जिसकी जांच CBI को सौंपने की मांग भी जोर-शोर से उठाया जा रहा है। इस सबके बावजूद झारखंड के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री हेमंत सोरेन अब तक ख़ामोश दिखाई दे रहे हैं। दरअसल झारखंड में तीन सरकारों का गठबंधन है। यहां हेमत सोरेन की सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस व RJD ने मिलकर सरकार बनाया है। यह लोग जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन पर तो बहुत बोले, लेकिन यहां के छात्रों की तक़लीफ़ इनको नहीं दिखाई दे रही।

ये 9 छात्र इंसाफ़ के लिए आमरण अनशन पर
इसी बीच कुल 9 छात्रों ने आमरण अनशन पर बैठने का फ़ैसला लिया। इनमें छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने सबसे पहले अनशन पर जाने का निर्णय लिया। साथ ही महेन्द्र प्रसाद, ब्रह्मानंद कुमार, राहुल क्रांति, रुपेश पाल, सबिता कुमारी, हबीबा, प्रेम नायक और कुश महतो शामिल हैं। इसमें राहुल क्रांति और रुपेश पाल दोनों JPSC/ JSSC के परीक्षार्थी हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कुल 2 मंच बनाए गए हैं। पहले मंच में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा समर्थित देवेन्द्र नाथ महतो, महेन्द्र प्रसाद, प्रेम नायक और कुश महतो अनशन पर बैठे हैं, वहीं दूसरे JPSC/ JSSC रिफ़ॉर्म मंच पर राहुल क्रांति, रुपेश पाल, सबिता कुमारी और हबीबा आमरण अनशन पर हैं। इसके अलावा ब्रह्मानंद कुमार पिछले कई दिनों से अकेले जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा के नीचे आंदोलन कर रहे हैं।
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अनशन के चलते राहुल क्रांति की बिगड़ी तबीयत
अनशन के दौरान राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें रांची के सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। इसके बाद झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सदर अस्पताल पहुंचे और राहुल क्रांति का हालचाल लिया बावजूद इसके यह आंदोलन न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक ने छात्रों से वार्ता, देवेन्द्र ने किया जल ग्रहण
आंदोलन के दौनर सोनम वांगचुक का वीडियो कॉलिंग से बात करना चर्चर में रहा। सबको याद होगा, कि जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले सोनम वांगचुक 26 दिनों तक अनशन पर रहे थे, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को अस्पताल जाकर उनकी मांगो को मानते हुए उनका अनशन तुड़वाया था। इस आंदोनल के दौरान सोनम वांगचुक के आग्रह पर छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने अनशन के दौरान जल ग्रहण किया।
10 अगस्त को हो सकता है विधानसभा घेराव
इस बीच छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और सरकार से वार्ता न होने पर छात्रों ने विधानसभा को घेरने की बात कही है। इस समय झारखंड में विधानसभा सत्र जारी है, जो 6 अगस्त से शुरु है और 12 अगस्त तक चलेगा। आंदोलन के बीच भाजपा के नेताओं के बयान भी सामने आए हैं, जिसमें कहा गया है, कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नैतिक रूप से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।






