- पत्नी सहित 4 ओरापी गिरफ़्तार
- दूसरी शादी से नाराज़ थी पत्नी
झारखंंड के पलामू में एक बार फिर आज के दौर में रिश्तों के अंदर पनपती जहरीली सोच का खुलासा हुआ है। ऐसे कई वारदात पिछले कुछ वर्षों में देखने को मिले हैं, जिसने विश्वास शब्द को ग़लत साबित किया है। मेरठ का नीला ड्रम कांड, मेरठ का ही सांप कांड हो हाल में हुआ केतन हत्याकांड हो, ऐसे तमाम उदाहरण हैं मिल जाएंगे, जिसने बदलते दौर में रिश्ते के मायने बहुत छोटे कर दिए हैं।
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नाराज़ पत्नी ने रची हत्या की साजिश
इन्हीं घटलाओं में से एक है पलामू का तुलेश्वर महतो हत्याकांड, जिसपर से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। खुलासे में पता चला, कि पत्नी उर्मिला देवी अपने पति तुलेश्वर महतो की दूसरी शादी से नाराज़ थी, जिसके बाद उर्मिला ने पति की हत्या की योजना तैयार की, जिसके लिए उसने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी थी।
बहन के बेटे को दी थी डेढ़ लाख रुपये की सुपारी
पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया, कि उर्मिला देवी ने अपने पति की हत्या के लिए अपनी बहने के ही बेटे राहुल को को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसके बाद राहुल ने शंकर यादव और नरेश सिंह के साथ मिलकर गोली मारकर तुलेश्वर महतो की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल किए गया देशी कट्टा, गोली, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया। इस हत्याकांड में पत्नी उर्मिला सहित 4 ओरोपियों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मेरठ हत्याकांड के दो मामलो में कोर्ट ने सुनाई है फांसी की सजा
अदालत ने हाल ही में मेरठ नीला ड्रम और सांप हत्याकांड के दोनों मामलों में दोषियों का फांसी की सजा सुनाई, जिसे ऐतिहासिक बताया गया। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सजा व कानून की ज़रूरत है और कोर्ट ने इसके माध्यम से उदाहरण पेश किया। इससे यह साबित होता है, कि यदि को यह सोच रहा है, कि वो गुनाह करेगा और पकड़ा नहीं जाएगा, तो उसका यह सोचना पूरी तरह से ग़लत है।




