भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इन दिनों रिश्वतखोरों के ख़िलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करने में जुटी है। राजस्थान से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ ग्राहकों ने रिश्वत मांगने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। ऐसे लगातार मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें सरकारी कर्मचारी या तो कोई सरकारी योजना पास कराने या किसी का यदि कोई पैसा रुका हो, तो आगे बढ़ाने के लिए पैसे कर मांग करते हैं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि सरकार इसी काम के लिए इन लोगों को तनख्वाह देती है।
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EPFO के अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा
इसी सिलसिले में कार्रवाई करते हुए ACB की टीम ने जयपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया है। ACB के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया, कि शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी फर्म में कार्यरत कर्मचारियों का PF जमा नहीं कराने के मामले में FIR दर्ज नहीं करने और बैंक खाते फ्रीज नहीं कराने के बदले में आरोपी 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
शिकायत के सत्यापन के दौरान एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। बता दें, कि आरोपी प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य ने शिकायतकर्ता के फर्म के CA की मौजूदगी में एक लाख रुपये लिए। अब ACB टीम ने रिश्वत राशि बरामद कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है। ACB के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के देखरेख में जयपुर नगर चतुर्थ चौकी के अलावा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में टीम को यह कामयाबी मिली है। ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरापियों से पूछताछ की जा रही है।
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हाल ही में रिश्वत की कई घटनाएं आई सामने
हाल ही में राजस्थान के अंदर रिश्वत की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही ACB ने कोटा के नगर निगम में संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इसके अलावा ACB ने राजस्थान के खैरतल तिजारा ज़िले में मुंडावर के विकास अधिकारी (BDO) संजय यादव और कनिष्ठ सहायक ऋतिक सिंह को सफाई के ठेके देने के बदले में 65 हज़ार रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ था।




