- प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त में रिश्वत का मामला
- एक आरोपी फ़रार, एक रंगे हाथों पकड़ा गया
कोटा के नगर निगम में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई की गई है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक संविदाकर्मी को 10 हज़ार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़कर गिरफ़्तार किया है। भ्रष्टाचार में लिप्त दूसरा संविदाकर्मी मौक़े से फ़रार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। बता दें, कि ACB की टीम रिश्वतखोरी के ख़िलाफ़ लगातार कार्रवाई कर रही है।
सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं
देश के अंदर सरकारी योजनाओं के अंतर्गत भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांंकि पिछले कुछ वर्षों में कानून सख्त कर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश की गई और इसमें कमीं भी आई है, लेकिन पूरी तरह से अब भी यह समाप्त नहीं हो पाया है। आम आदमी के लिए बनाई गई सरकारी योजनाएं तब तक लागू नहीं किए जाते, जब तक कि उस योजना का कुछ हिस्सा सरकरी कर्मचारियों को ना मिले। कोटा नगर निगम में जो हुआ, इसे उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में मांगी थी रिश्वत
ACB के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया, कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए मिली 50 हज़ार की पहली किश्त में से नगर निगम के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा और नरेश वर्मा ने रिश्वत की मांग की थी। यही नहीं यह भी आरोप है, कि रिश्वत नहीं देने पर उन्होंने आगे की किश्तें नामंजूर करने की भी धमकी दी थी। शिकायत के बाद ACB घटना का वेरिफ़ाई किया, जिसके बाद अखिलेश मीणा पर 10 हज़ार और नरेश वर्मा पर 5 हज़ार रपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
पुलिस उपमहानिरीक्षक कोटा रेंज ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB कोटा विजय स्वर्णकार के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक अनिष अहमद के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। ट्रैप के दौरान नगर निगम कोटा के बाहर संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को परिवादी से 10 हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ़्तार कर लिया गया, वहीं फ़रार आरोपी नरेश वर्मा की तलाश में ACB टीम जुटी हुई है। ACB गिरफ़्तार आरोपी से पूछताछ और मामले में आगे की जांच कर रही है।






