- जमानत के बाद ED ने तुरंत किया था गिरफ़्तार
- 2019 का है मनी लॉन्ड्रिंंग मामला
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को बड़ा झटका लगा है। उन्होंंने ED के मामले में गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और इस याचिका को सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया।
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आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उम्र का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। उन्होंने कहा, कि इस गिरफ़्तार का मक़सद उनको अगले विधानसभा चुनाव से बाहर रखना है। इस पर कोर्ट ने कहा, कि उचित तरीक़ा यह है कि याचिकाकर्ता पहले क्षेत्राधिकार वाले हाईकोर्ट का रुख करें।
बता दें, कि आजम खान वर्ष 2019 के मनी लॉन्ड्रिंंग केस में जेल के अंदर हैं। हाल ही में 31 अक्टूबर को आजम खान को इलाहाबाद हाइकोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन वो जैसे ही जेल से बाहर आए, ED ने उन्हें 2019 के मनी लॉन्ड्रिंंग मामले में गिरफ़्तार कर लिया था। इससे नाराज़ आजम खान ने सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटकटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए मामले को इलाहाबाद हाईककोर्ट ट्रासफर कर दिया है।




