- न्यूज़ीलैंड के संसद में 93-29 के मत से FTA को मिली थी मंजूरी
- 100 प्रतिशत निर्यात को करेगा कवर
भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है, जिसे व्यापार और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक क़दम माना जा रहा है। इस FTA पर 27 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए गए थे।
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न्यूज़ीलैंड की संसद में मिली थी मंजूरी
इससे पहले न्यूज़ीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) के मत से मंजूरी दी थी, जिसकी जानकारी व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने दी थी। मैक्ले ने कहा, कि वोट से FTA और इससे होने वाले संभावित आर्थिक फायदों के लिए संसद का मजबूत समर्थन मिला है।
20 अक्टूबर को चुना गया
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले के बीच वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत हुई। इसके बाद दोनों देशों में आंतरिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद समझौते के लागू होने की तारिख़ का ऐलान करते हुए 20 अक्टूबर का दिन चुना। न्यूज़ीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को इससे संबंधित कानून पारित किया था।
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100 प्रतिशत निर्यात को किया जाएगा कवर
समझौते के लागू होने के साथ ही, न्यूज़ीलैंड को होने वाले भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को कवर करने वाली हर एक टैरिफ लाइन शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) हो जाएगी। इससे भारतीय उद्योग को समान अवसर मिलेंगे, जो इसे न्यूजीलैंड के दूसरे व्यापारिक साझेदारों के साथ खड़ा करने में मदद करेगा।




