- न्यूजीलैंड संसद 93-29 के मत से FTA को मिली मंजूरी
- भारत को निर्यात पर शुल्क में मिलेगी छूट
न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) के मत से मंजूरी दे दी है। यह जानकारी व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की ओर से दी गई। मैक्ले ने कहा, कि वोट से FTA और इससे होने वाले संभावित आर्थिक फायदों के लिए संसद का मजबूत समर्थन मिला है।
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95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क में मिलेगी छूट
टॉड मैक्ले ने कहा, कि FTA से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारत में ज्यादा पहुंच मिलेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। मैक्ले के अनुसार, जब यह समझौता लागू होगा, तो भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। पूरी तरह लागू होने पर, 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे।
मध्यम वर्ग तक मिलेगी बेहतर पहुंच
इस एग्रीमेंट से कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को 5 साल में शुल्क के तौर पर लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत होने की उम्मीद जताई गई है। इस समझौते से बॉर्डर पर तेज़ी से क्लीयरेंस मिलेगी और भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे फ़ूड, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफ़ेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग में बढ़ोतरी होगी।
साल के आख़िर तक हो सकता है लागू
टॉड मैक्ले के अनुसार, न्यूजीलैंड-भारत के बीच बातचीत की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी और सरकार को उम्मीद है, कि यह समझौता इस साल के आख़िर तक लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि FTA से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को अपने बिज़नेस संबंध बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है और इस समझौते से इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह समझौता तब लागू होगा जब दोनों देश अपनी-अपनी मंजूरी प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।






