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हंगरी चुनाव: प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की क़रारी हार, तिसा पार्टी को रिकॉर्डतोड़ वोट

16 सालों के बाद हंगरी की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। हंगरी के संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की पार्टी बुरी तरह हार गई है।
  • हंगरी की राजनीति में 16 सालों के बाद हुआ उलटफेर
  • प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की पार्टी बुरी हारी

हंगरी की राजनीति में उलटफेर

16 सालों के बाद हंगरी की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। हंगरी के संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की पार्टी बुरी तरह हार गई है। पिछले 16 वर्षों से देश में शासन कर रहे विक्टर ओर्बन को पीटर मैग्यार ने हरा दिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने अपनी हार स्वीकार करते हुए इन नतीजों को उम्‍मीद के विपरित और कष्‍टकारी बताया है।

तिसा पार्टी को मिला पूर्ण बहुमत

संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिसा पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है। इसके बाद पीटर मैग्यार ने बुडापेस्ट की संसद भवन के सामने, डेन्यूब नदी के पार एक रैली में हजारों समर्थकों की रैली को संबोधित किया। संबोधन में उन्‍होंने बताया, कि उनकी पार्टी को क़रीब 33 लाख वोट मिले हैं और संसद में 199 सीटों की इस लड़ाई में दो-तिहाई बहुमत यानी क़रीब 138 सीटें मिली हैं।

हंगरी के इत‍िहास पहली बार इतना वोट

हंगरी के इतिहास में इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी तादाद में ज़ लोगों ने वोट नहीं दिया। ‘तिसा’ ऐसी पहली पार्टी है, जिसे भारी संख्‍या में जनादेश मिला है। साथ ही यूरोपीय नेताओं ने भी तिसा की जीत का स्वागत किया है। वहीं  नतीजे सामने आने से हंगरी के विपक्षी दल के समर्थकों खुशी की लहर है। रविवार रात बुडापेस्ट में समथकों ने जश्न मनाया। हज़ारों समर्थक आतिशबाजी और नाच गाना करते दिखे।

PM Viktor Orban Image: Wikimedia

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