- मनीषा Physics अनुवादक के रूप में कार्यरत थी
- 22 मई को हुई थी गिरफ़्तार
सरकारी परीक्षा की विश्वसनीयता पर ही सवाल
NEET पेपर लीक मामले में हो रही CBI जांच से यह तो साफ़ है, कि संस्था के अंदर बैठे या उससे जुड़े लोग किस हद तक जा सकते हैं। जब संस्था में बैठे लोग ही विश्वासघात करेंगे, तो यक़ीन किस पर किया जाए। इस तरह से सरकारी परीक्षा की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठने लगेंगे। एक विद्यार्थी एक सरकारी परीक्षा पास करने के लिए दिन-रात एक करता है और लाखों की पूंजी लगाकर वर्षों तक तैयारी करने के बाद जब पेपर लीक होता है, तो उसके सारे अरमानों पर पानी फिर जाता है। उसे ऐसा महसूस होता है, कि उसके साथ किसी ने धोखा किया है और धोखा देने वाले वहीं हैं, जिनकों भरोसे के साथ ज़िम्मदारीकी कुर्सी दी जाती है, लेकिन ये लोग चंद पैसों के लालच में इनके परिश्रम को मजाक बना देते हैं।
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मनीषा हवलदार को 6 दिन की CBI रिमांड
धीरे-धीरे NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच के बाद चौंकाने वाले ख़ुलासे हो रहे हैं, क्योंकि इस पेपर लीक में NTA से जुड़े सदस्य ही आरोपी बनते जा रहे हैं। इस कड़ी में अब पूणे की रहने वाली भौतिकी (Physics) लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार का नाम सामने आया है, जिसे 22 मई को गिरफ़्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने CBI की याचिका को अनुमति दी थी, जिसमें आरोपी से हिरासत में पूछताछ की मांग की गई थी। बता दें, कि मनीषा हवलदार को पूछताछ के लिए दिल्ली की अदालत ने 6 दिन के CBI रिमांड में भेज दिया है।
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अनुवादक के रूप में थी कार्यरत
CBI की जांच में सामने आया है, कि अनुसार मनीषा NEET परीक्षा के लिए ट्रास्लेटर के रूप में कार्यरत थी, जो पुणे के सेठ हीरालाल सर्राफ विद्यालय से जुडी थी। मनीषा हवलदार ने कथित रूप से दूसरे आरोपियों को अनुवाद के लिए भौतिकी के प्रश्नपत्र दिए थे। जांच एजेंसी ने मनीषा को NEET भौतिकी प्रश्नपत्रों के कथित लीक मामले में एक मुख्य कड़ी बताया।
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आने वाले दिनों में CBI की जांच चौंका सकते हैं
इससे पहले भी केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) लेक्चरर पी वी कुलकर्णी को पुणे से गिरफ़्तार किया गया था, जिस पर केमिस्ट्री का पेपर लीक कराने का आरोप था। इसके बाद मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली से हिरासत में लिया गया था, जिस पर आरोप है, कि बायोलॉजी का पेपर लीक कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी। ये सभी टेस्ट एजेंसी की संस्था से जुड़े व्यक्ति है। CBI जिस तरह से NEET पेपर लीक मामले का पर्दाफ़ाश कर रही है, इससे पता चलता है, कि आगे पेपर लीक से जुड़ी और भी बडें ख़ुलासे होने है, जो चौंका देने वाले होंगे।



