- शाम 6 से सुबह 6 बजे तक बाइक चलाने रोक।
- जुलूस व राजनीतिक इस्तेमाल के लिए भी प्रतिबंधित
चुनाव आयोग पूरी तैयार में
इस बार पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग भी पूरी तरह से सतर्क है। कहीं कोई हिंसक घटना ना हो इसका आयोग पूरा ध्यान रखे हुए है। बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा आम बात है, जिसका इतिहास बहुत काला रहा है। इसके अलावा घुसपैठिए और SIR के मुद्दे ने पहले से ही बंगाल के माहौल ख़ासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमुल कांग्रेस इससे काफ़ी ख़फ़ा है और चुनावी रैलियों में हो रही बयानबाजी से बाहर निकलता दिखाई देता है।
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23 तारिख़ को बैन रहेंगे मोटरसाइकिल
अब इलेक्शन कमिशन ने एक और क़दम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में 23 तारिख़ को होने वाले चुनाव के दौरान मोटरसाइकिल के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर इसकी सूचना दी। अब इलेक्शन कमिशन ने एक और क़दम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में 23 तारिख़ को होने वाले चुनाव के दौरान मोटरसाइकिल के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर इसकी सूचना दी। आदेश के कहा गया है, कि पहले चरण के मतदान से दो दिन पहले चुनावी सीटों पर यह नियम लागू कर दिया गया है, जिसके तहत शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक मोटरसाइकिल चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी और दिन में भी बाइक के पीछे बैठने की भी अनुमति नहीं होगी।
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नहीं निकाल सकते जुलूस
इसके अलावा मोटरसाइकिल पर जुलूस निकालने और राजनीतिक गतिविधियों के लिए बाइक के इस्तेमाल पर भी आयोग ने बैन लगा दिया है। आयोग ने कहा है, कि सिर्फ़ मेडिकल इमरजेंसी, स्कूल और पारिवारिक कारणों से ही इस नियम में छूट दी गई है। मतदान वाले दिन सुबह 6 से शाम 6 बजे परिवार के सदस्य को बैठाकर वोट डालने जाने की छूट दी गई है। आयोग का कहना है, कि इन पाबंदियों का उद्देश्य डराने-धमकाने और वोटरों को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों को रोकना है, ताकि हिंसा नही बल्कि निष्पक्ष चुनाव हो सके।



