- 28 अगस्त 2025 को सुनाए गए फ़ैसले को सही माना
- उम्र सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को मिली राहत
चयनित अभ्यर्थियों की अपील हुई ख़ारिज
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शनिवार को परीक्षा और रोजगार के नज़रिये से एक बड़ा फ़ैसला सुनाया है। प्रदेश की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा SI भर्ती-2021 को पूरी तरह रद्द करने के आदेश दे दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस पी शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ द्वारा 28 अगस्त 2025 को सुनाए गए फ़ैसले को सही माना है और सरकार व चयनित अभ्यर्थियों की अपीलों को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद अदालत ने माना, कि SI भर्ती-2021 की परीक्षा में बड़े स्तर पर पेपरलीक, धांधली और अनियमितताएं हुई थीं, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया ही ख़राब तो हुई ही, वहीं चयन प्रक्रिया की पवित्रता पर सवाल खड़े होते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फ़ैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, कि इस परिक्षा में उम्र सीमा पार कर चुके उन सभी अभ्यर्थियों को शामिल किया जाए, जिन्होंने परीक्षा में हुई धांधली के लिए अदालत में लंबी लड़ाई लड़ी है। इसके अलावा अदालत ने अभ्यर्थियों के दायरे को सीमित करते हुए कहा है, कि सिर्फ़ याचिकाकर्ता ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ़ कहा है, कि जो अभ्यर्थी अदालत नहीं आए उन पर यह सभी आदेश लागू नहीं होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा तय कार्यक्रम पर ही होगी परीक्षा
SI और प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 की परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को होने जा रही है। अदालत ने कहा है, कि परीक्षा कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा और परीक्षा तय समय पर ही होगी। अधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने बताया, कि भर्ती परीक्षा में करीब 7 लाख 70 हज़ार अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं। इससे पहले हाईकोर्ट ने इस मामले के याचिकाकर्ता रह चुके 713 अभ्यर्थियों को पहले ही प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं।
दो पारियों में होगी परीक्षा
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 5 और 6 अप्रैल को 1015 पदों के लिए आयोजित होने वाली SI भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। बता दें, कि परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 41 चयनित शहरों के 1174 परीक्षा क्रेंद्रो पर होने जा रही है। यह परीक्षा 2 दिन और 2 पारियों में संपन्न होगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह 11 से 1 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी । इसके लिए आयोग ने सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा बेराजगारों को मिला न्याय
फ़ैसले आने के बाद याचिकाकर्ताओं के वकील हरेंद्र नील ने ख़ुशी जताते हुए कहा, कि कि ये उन भी अभ्यर्थियों की जीत हुई है, जो इस लंबी लड़ाई को लगातार लड़ते रहे। उन्होंने कहा, कि बेरोजगारों के साथ न्याय हुआ है। यह मामला वर्ष 2021 से लगातार चल रहा था। मामला काफ़ी संवेदनशील था और बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ था। यह राज्य के बेरोजगारों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण फ़ैसला है।
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