- सिखाई जाएगी AI और आधुनिक तकनीकी शिक्षा
- TCS के सहयोग से बना सेंटर
यह वही गोरखपुर है
गोरखपुर, जो किसी ज़माने में नक़्शे पर नज़र नहीं आता था, किसी को जल्दी गोरखपुर के बारे में पता नहीं होता था और जिसे देखकर कभी ग्रामीण क्षेत्र जैसी अनुभूती होती थी। यह वही गोरखपुर है, जहां 24 घंटे में से मुश्क़िल से 10 घंटे बिजली रहती थी और लोग गर्मियों के दिनों में गर्मी से बचने के लिए पेड़ों की शरण लिया करते थे। यह वही गोरखपुर है जहां शाम 7 बजे के बाद शहर अंधेरे में डूब जाता था और सड़के खाली हो जाया करती थी। ऐसे गोरखपुर में AI और आधुनिक तकनीकी शिक्षा की नींव रखना बड़े सम्मान और गर्व की बात है।
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सॉफ़्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किया उद्घाटन
आज उसी गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इस दौरान टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद थे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) के सहयोग से लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
कौन-कौन से कोर्स की होगी तैयारी
सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और 3D प्रिंटिंग जैसे आधुनिक कोर्स संचालित किए जाएंगे। यहां मॉर्डन लैब्स भी बनाई गई हैं, जहां छात्रों को प्रेक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा “AI अवेयरनेस फ़ॉर ऑल” ट्रेनिंग वर्कशॉप भी शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है, कि इसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की तैयारी चल रही है और इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्या कहा?
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि किसी ज़माने में जिस प्रदेश को पिछड़ा हुआ माना जाता था, वहां विकसित भारत की नींव रखना बड़े गर्व की बात है। सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का स्थापित होना बताता है, कि प्रदेश अब नया इतिहास लिख रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, मेक-इन-इंडिया और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को पूरा करने में गोरखपुर का ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ बहुत बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है।
ग्लोबल कोर्स से जोड़ने में करेगा मदद
एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने बताया, कि यह सेंटर नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार को बढ़ावा देगा। साथ ही यह पूर्वी यूपी के अन्य 15 तकनीकी संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्स से जोड़ने में मदद करेगा। छात्रों में इस पहल को लेकर काफी उत्साह है, क्योंकि अब उन्हें उन्नत तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के नोएडा में विकास की नई नींव, पीएम मोदी ने किया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन



