- कालाबाज़ारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई
- देश में तेल व एलपीजी का भरपूर भंडार
पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर
पश्चिम एशिया महासंग्राम के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस युद्ध से होने वाले प्रभाव और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा, कि आज इस संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया की हालत बेहद चिंताजनक है। 3 हफ़्तें से ज़्यादा हुए इस युद्ध ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, जिससे कई संकट देश के सामने पैदा हुए हैं।
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ईरान से 1 हज़ार भारतीय सुरक्षित लौटे
उन्होंने प्रभावित देशों में रह रहे भारतीय पर विशेष चिंता जताते हुए, कहा, कि भारत लगातार युद्ध प्रभावित देशों से बात कर रहा है और हर भारतीयों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, कि अब तक क़रीब 3 लाख 75 हज़ार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं और ईरान से लगभग 1 हज़ार भारतीय को सुरक्षा के साथ स्वदेश पहुंचा दिया गया है।
होर्मुज रास्ता बंद होना चिंताजनक
कच्चा तेल और गैस को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, कि भारत में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के रास्ते से ज़रूरत के हर सामान जहाजों के माध्यम से पहुंचते हैं, लेकिन युद्ध के दौरान होर्मुज रास्ते का संकट गहरा गया है और जहाजों को आने-जाने में रुकावटें पैदा हो गई हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा, कि देश अपनी ज़रूरतों का 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, लेकिन युद्ध के चलते इसकी सप्लाई में असमंजस पैदा हो गया है, इसलिए सरकार ने घरेलू स्तर पर एलपीजी को सबसे पहले प्राथमिकता दी है। यही नहीं सरकार देश में गैस के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ पेट्रोल व डीज़ल की सप्लाई बिना किसी बाधा के होती रहे इस पर लगातार काम कर रही है।
53 लाख मैट्रिक टन का तेल भंडारण
प्रधानमंत्री ने पूरे देश में पेट्रोल व डीज़ल के उठते सवाल पर जवाब देते हुए कहा, कि भारत ने ऐसे ही संकट के लिए तेल भंडारण को प्राथमिकता देती रही है, यहीं कारण है, कि इस संकट में भारत के पास 53 लाख मैट्रिक टन से ज़्यादा का स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व रखा हुआ है और 65 लाख मैट्रिक टन से अधिक रिजर्व करने की योजना भी बनाई जा रही है। साथही कहा, कि देश में तेल और गैस की सप्लाई में कोई बाधा ना आए इसके लिए सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के साथ लगातार संपर्क में है।
इथेनॉल व विद्युतीकरण से देश को लाभ
इथेनॉल की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा, कि आज तेल में 20 प्रतिशत इथेनॉल को इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका नतीज़ा यह है, कि आज हमे हर साल क़रीब साढ़े चार करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ता है, इसके अलावा रेलवे में विद्युतीकरण होने से आज हर वर्ष क़रीब 180 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत हो रही है, जिसे ऐसे संकट में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इसी तरह देश वैकल्पिक ईंधन पर जोर दे रहा है, जो भारत के भविष्य के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है।
किसानों का प्रयास सराहनीय
किसानों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, कि हमारे देश के किसानों के प्रयास से देश के अन्न भंडार को भर रखा है और देश में अनाज की कोई कमी नहीं हैं। सरकार का प्रयास है, कि देश आने वाले ख़रीफ़ सीज़न में किसानों की बुआई में कोई परेशानी ना आए, इसलिए खाद की पूरी व्यवस्था के लिए भी सरकार प्रयसारत है। दुनियाभर में महंगे दामों पर बिकने वाला यूरिया हमने किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराया है।
होर्मुज स्ट्रेट जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य
प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर कहा, कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। युद्ध को लेकर उन्होंने कहा, कि पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर भारत की रणनीति हमेशा से साफ़ रही है और इस संघर्ष को विराम देने के लिए लगातार पश्चिम एशिया के नेताओं से बात की जा रही है, क्योंकि इस युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था उथल-पुथल हो गई है। नरेंद्र मोदी ने कहा, कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है, युद्ध से नहीं।
कालाबाज़ारी पर सख़्त
प्रधानमंत्री ने कालाबाज़ारी और जमाख़ोरी पर सख़्त रुख अपनाते हुए कहा, कि हमें बहुत सावधान और सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ लोग हालात का फ़ायदा उठाने के साथ-साथ झूठ फैलाने का प्रयास करेंगे, लेकिन हमें मिलकर उनके इरादों को सफ़ल नहीं होने देना है। कालाबाज़ारी और जमाखोरी करने वालों पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने वाली सभी एजंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
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