Headlines

“मिडिल ईस्‍ट महासंग्राम की कहानी: मोजतबा ख़ामेनेई की धमकी, ख़ून का बदला लेकर रहेंगे“

मोजतबा ख़ामेनेई ने कह दिया है, कि ईरान में जितने भी लोगों का ख़ून बहा है और मीनाब स्‍कूल की छात्राओं की मौत का बदला ईरान लेकर रहेगा।
  • ईरान के राष्‍ट्रपति ने युद्ध ख़त्‍म करने की रखी तीन शर्तें
  • नेतन्‍याहू ने कहा कोई भी सुप्रीम लीडर नहीं बख्‍़शा जाएगा

स्‍कूल की छात्राओं की मौत का बदला लेगा ईरान

मोजतबा ख़ामेनेई के सुप्रीम लीडर बनते ही ईरान ने अमेरिका व इज़रायल को धमकी दे डाली है। मोजतबा ख़ामेनेई ने कह दिया है, कि ईरान में जितने भी लोगों का ख़ून बहा है और मीनाब स्‍कूल की छात्राओं की मौत का बदला ईरान लेकर रहेगा। इससे पता चलता है, कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति कितना भी कहें, कि ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है या ईरान पर आख़‍िरी जीत बाक़ी है, लेकिन सच यह है, कि यह युद्ध अब समाप्‍त नहीं होगा। इसका मतलब यह भी निकाला जा सकता है, कि युद्ध अमेरिका ने शुरू किया, लेकिन ख़त्‍म अब ईरान की मर्ज़ी से होगा, क्‍योंकि उसने अपनी मंशा साफ़ कर दी है, कि वो पीछे हटने वालों में से नही है।

Iran President Photo: Wikimedia common

ईरान के राष्‍ट्रपति की तीन शर्त

ईरान अब युद्ध को लेकर काफ़ी कड़ा रुख अपना रहा है, जो यह बताता है, कि अमेरिका व इज़रायल कितने भी हमले करले, लेकिन वो अब हर हमले का जवाब देगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो ईरान के राष्‍ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने युद्ध ख़त्‍म करने के लिए तीन शर्तें रख दी हैं:

1. ईरान के अधिकारों को स्‍वीकार किया जाए।

2. युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई की जाए।

3. भविष्‍य में होने वाले किसी प्रकार के हमले की अंतर्रार्ष्‍टीय गैरंटी दी जाए।

अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफ़ॉर्म एक्‍स के माध्‍यम से राष्‍ट्रपति ने ये संदेश जारी किया। इस संदेश से क्‍या समझा जाए? इस संदेश से यही समझ आता है, कि ईरान किसी भी तरह से हार नहीं मानना चाहता और युद्ध ख़त्‍म करने की ये तीन शर्ते अगर मान भी ली जाएं, तो इसमें भी जीत उन्‍हीं की है लेकिन अमेरिका व इंज़रायल ये शर्त कतई नहीं मानने वाले, हां इसके बदले में वो हमला और तेज़ कर देंगे, क्‍योंकि वो किसी भी हाल में ईरान को तबाह कर सरेंडर करने पर मजबूर करना चाहते हैं, लेकिन फ़‍िलहाल ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा और देखते ही देखते युद्ध 15 दिन के पार कर चुका है।

इस बीच इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्‍याहु ने बोल दिया है, कि ईरान की जनता को इस क्रूर शसान को ख़त्‍म कर देंगे, कोई भी सुप्रीम लीडर अब बख्‍़शा नहीं जाएगा।  

Strait Of Hormuz Photo: Wikimedia Common

दुश्‍मन देशों के लिए बंद रहेगा होर्मुज़   

वहीं होर्मुज़ की गर्मा-गर्मी अब और बढ़ती हुई देखी जा सकती है। ईरान का लीडर बनते ही मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दे डाली, कि फिलहाल कि‍सी भी दुश्‍मन देश जहाज स्‍ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होकर ना गुजरे, वरना परिणाम घातक होंगे, इसलिए यह रास्‍ता फ‍िलहाल के लिए बंद है, क्‍योंकि ऐसे में कोई भी ख़तरा मोल नहीं लेना चाहता। हालांकि अमेरिका कह रहा है, कि देश इस रास्‍ते का इस्‍मेमाल करें और गुजरने वाले जहाज को अमेरिका सुरक्षा देगा, लेकिन कहने और करने में अंतर हो जाता है। यही कारण है, कि दुनियाभर में तेल की आपूर्ति लगातार घट रही है और नतीजा यह है, कि कच्‍चे तेल की क़ीमत अब 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने लगी है।

PM with President of Iran, Dr. Masoud Pezeshkian, Russia, 2024: Wikimedia

भारत के सकारात्‍मक परिणाम

भारत के लिए ख़ुशख़बरी की बात है, कि ईरान ने भारत को अपना दोस्‍त कहा है और र्स्‍टेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्‍ते भारतीय जहाजों के लिए खुलने के आसर तेज़ हो गए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्‍ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से इस मुद्दे पर फोन पर बातचीत की थी और भारत के विदेश मंत्री ने भी लगातार बातचीत का सिलसिला जारी रखा हुआ है। इसी के चलते ईरान की तरफ़ से सकारात्‍मक परिणाम देखने को मिले हैं। यहीं नहीं उस रास्‍ते से एक तेल वाला जहाज मुंबई पहुंचा है और दो गैस से भरे जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है। भारत में मौजूद ईरान के राजदूत मुहम्‍मद फ़ताली ने साफ़ शब्‍दों में कहा, कि भारत ईरान का दोस्‍त है और र्स्‍टेट ऑफ़ होर्मुज़ का रास्‍ता भारत के लिए ख़ुल सकता है।

More Posts

नेपाल में बाढ़ की तबाही, मरने वालों की संख्‍या बढ़कर हुई 1,344

शुक्रवार को ऊपरी त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 9 दिन बाद 2 मजदूरों को ज़‍िंंदा बाहर निकाला गया है।

UPESSC ने स्पेशल TET 2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया

अब उत्‍तर प्रदेश में अपनी नौकरी बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए उत्तर प्रदेश के हज़ारों शिक्षकों के लिए यह परीक्षा बेहद अहम होने वाला है।

NTA ने UGC-NET जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की पुर्नपरीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी किए

अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षाओं के प्रश्‍नपत्रों में ख़ामिया मिली थी, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।

अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी छलांग, ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया EOS-05 उपग्रह

ISRO ने GSLV-F17 रॉकेट से 2,367 किलोग्राम वजन वाले EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। जानिए 36 हजार किमी की ऊंचाई से निगरानी करने वाले इस उपग्रह की ख़ासियत।

Send Us A Message