- 1 रन से गुजरात की रोमांचक जीत
- राशिद ख़ान की गेंदबाजी में वापसी
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और गुजरात टाइटन्स (GT) के बीच ज़बरदस्त मैच हुआ, जिसमें रोमांच अपने चरम पर था। दोनों टीमें अपनी मैदान में अपना बेस्ट दे रही थी। पता नहीं चल पा रहा था, कि मैच का परिणाम क्या होगा। कभी लग रहा था, कि दिल्ली आराम से जीत जाएगी, तो कभी लगा, कि गुजरात तो अब हार ही नही सकती, लेकिन आख़िरी ओवर के अंतिम गेंद पर जाकर जीतने वाली टीम का पता चल पाया।
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DC के हाथ से फ़िसला मैच
दिल्ली ने टॉस जीतकर गुजरात को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया और GT ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 210 रन बना डाले। DC ने 211 के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय 9.4 ओवर में मात्र 1 विकेट के नुक़सान पर 101 रन बना लिए थे और यहां से दिल्ली की जीत पक्की लग रही थी, लेकिन इसके बाद दिल्ली के विकटों का पतन होना शुरू हुआ और देखते ही देखते दिल्ली का स्कोर 17 ओवर में 166 पर 6 हो गया। यहां से गुजरात की जीत पक्की लगने लगी। 17वें ओवर में 92 रन बना चुके के एल राहुल का विकेट गिरने से अचानक जीत की दहलीज़ से दिल्ली फ़िसलने लगी।
मैच का रोमांचक पल
दिल्ली को आख़िरी 3 ओवर यानी 18 गेंदों में 45 रन बनाने थे। क्रीज़ पर थे डेविड मिलर और विपराज निगम। कप्तान शुभमन गिल ने 18वां ओवर कगिसो रबाडा को थमाई और उन्होंने मात्र 9 रन दिए और अब DC की मुश्क़िले और बढ़ गई। अब जीत के लिए 12 गेंदों में 36 रन बनाना था। 19वां ओवर अनुभवी सिराज को थमाया गया और स्ट्राइक पर थे डेविड मिलर। सिराज की पहली गेंद वाइड हुई। सिराज की अगली गेंद पर 6 रन जड़ दिए, फिर दूसरी और तीसरी गेंद पर चौका और छक्का जड़ दिया। दबाव अब सिराज पर आ गया। चौथी गेंद पर मिलर ने सिंगल लिया और स्ट्राइक पर आए निगम ने 5वीं गेंद पर 4 रन जड़ दिए और अंतिम गंद पर 1 रन ले लिया। इस तरह सिराज के ओवर में 23 रन आ गए और यहां से लगने लगा, कि दिल्ली ने वापसी कर ली है, क्योंकि मिलर के रहते हुए 6 गेंदो पर 13 रन बनाना मुश्क़िल नहीं लग रहा था।
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आख़िरी ओवर का रोमांच चरम पर
मुक़ाबले का रोमांच पूरे चरम था। 6 गेंदों में 13 रन की ज़रूरत थी और स्ट्राइक पर थे विपराज निगम और गेंदबाजी थी प्रसिद्ध कृष्णा के हाथ में। पहली ही गेंद पर निगम ने चौका मार दिया और 5 गेंदों में लक्ष्य को 9 रन पर पहुंचा गया। अब यहां से सारा दबाव गुजरात पर आ गया, लेकिन दबाव में कृष्णा ने दूसरी गेंद पर निगम को आउट कर दिया और राहत की सांस ली। तीसरे गेंद पर बल्लेबाजी करने आए कुलदीप ने सिंगल लेकर स्ट्राइक मिलर को दे दिया। 3 गेंदों 8 रन की ज़रूरत थी। मिलर ने चौथी गेंद को पवेलियन के बाहर भेजकर 6 रन और जोड़ लिए और समीकरण 2 गेंदों में 2 रन हो गया। क्या कोई कह सकता था, कि दिल्ली हार जाएगी, लेकिन डेविड मिलर की एक ग़लती ने गुजरात को 1 रन से जीत दर्ज कराने में मदद की। सोचिए 2 गेंदो में 2 रन चाहिए और मिलर इसे पूरा करने में चूक जाएं।
मिलर ने की कौन-सी ग़लती?
दरअसल कृष्णा की पांचवीं गेंद पर मिलर ने कुलदीप को एक रन लेने से मना कर दिया और यहीं पर मिलर से चूक हो गई। उन्हें कुलदीप पर भरोसा जताना चाहिए था, लेकिन उन्होंने सिंगल ना लेना ही मुनासिब समझा। अब 1 गेंद में दो रन बनाने थे, लेकिन ये गेंद मिलर के बल्ले पर लग ही नहीं पाई और गेंद विकेटकीपर बटलर के पास चली गई। कुलदीप एक रन के लिए नॉन स्ट्राइक एंड से भागे और पूरी कोशिश की, लेकिन बटलर ने गेंद स्टंप पर दे मारी और कुलदीप यादव क्रीज़ से पीछे रह गए और गुजरात हारा मैच जीत कर जश्न मनाने लगा। दूसरी तरफ़ दिल्ली को समझ ही नहीं आ रहा था, कि ये क्या हुआ?
मिलर ने भरोसा नहीं दिखाया
मिलर को कुलदीप पर भरोसा करना चाहिए था, क्योंकि 2 गेंद ही फ़ेंकी जानी थी, मिलर की यह ज़िम्मेदारी होनी चाहीए थी, कि एक रन लेकर स्कोर को बराबरी पर लाएं, ताक़ि दिल्ली मैच में बनी रहे, लेकिन ग़लती हो गई और अंतिम गेंद उनके बल्ले पर ही नहीं आई। कभी-कभी क़ुदरत के हिसाब से चलना ज़रूरी होता है। दिल्ली के 3 विकेट बाक़ी थे और हो सकता था, कि कुलदीप 1 रन बना जाते।
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मैन ऑफ़ द मैच
पिछले कुछ समय से राशिद ख़ान गेंदबाजी के ख़राब फ़ॉर्म से गुज़र रहे थे, लेकिन दिल्ली के ख़िलाफ़ राशिद ख़ान ने फ़ॉर्म में वापसी करते हुए गुजरात को मैच में वापसी कराई। राशिद ख़ान ने 10 ओवर में जब दिल्ली ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रही थी, उसी ओवर में में राशिद ने पहले नितिश राणा को 5 रन पर आउट किया और अगली ही गेंद पर समीर रिज़वी को आउट कर मैच को मोड़ दिया। उसके बाद अक्षर पटेल को 3 रन पर पवेलियन भेजकर कर दिल्ली को मैच में पीछे ख़ीच दिया। इस प्रदर्शन के लिए राशिद खान को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया और लंबे समय के बाद इस करामाती गेंदबाज को वापसी करते देखा।



