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सीज़फ़ायर: क्‍या ईरान की 10 शर्तें मान गया है अमेरिका?

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप जिस ईरान की पूरी सभ्‍यता को ख़त्‍म करने और नरक जैसा बनाने की धमकी दे रहे थे और यहां तक, कि उन्‍होंने इसके लिए ईरान को अल्टीमेटम देते हुए डेडलाइन भी जारी कर दिया था।
  • डॉनल्‍ड ट्रंप दिया था ईरान को अल्‍टीमेटम
  • ईरान ने हाल ही में अमेरिका के 15 प्रस्‍तावों ठुकराया  

40 दिन बाद युद्ध विराम

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप जिस ईरान की पूरी सभ्‍यता को ख़त्‍म करने और नरक जैसा बनाने की धमकी दे रहे थे और यहां तक, कि उन्‍होंने इसके लिए ईरान को अल्टीमेटम देते हुए डेडलाइन भी जारी कर दिया था, लेकिन डेडलाइन के ठीक पहले डॉनल्‍ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट आता है, जिसमें सीज़फ़ायर का ऐलान किया गया था। डॉनल्‍ड ट्रंप ने साझा पोस्‍ट में बताया, कि अगले 2 सप्‍ताह के लिए अमेरिका और ईरान में सीज़फ़ायर की सहमति बन गई है और इस दौरान अमेरिका और ईरान कोई हमला नहीं करेगा।

Donald Trump Post on Social Media

ट्रंप अपनी जीत का कर रहे हैं दावा

ट्रंप ने दावा किया है, कि हमारे जो भी लक्ष्‍य थे, अमेरिका ने उसे हासिल कर लिया है और उनकी बातचीत तेहरान से चल रही है, जो जल्‍द ही निर्णायक मोड़ लेने के नज़दीक हैं। हालांकि ट्रंप ने ईरान के तरफ़ से आए 10 प्रस्‍तावों की भी चर्चा की है, जिस इस सीज़फ़ायर का मुख्‍य बिंदु माना जा रहा है। इन 2 हफ़्तों में ईरान की इन्‍हीं 10 शर्तों पर चर्चा होगी, लेकिन ये शर्ते अमेरिका मानेगा या नहीं इसक बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। इतना ज़रूर समझ आता है, कि यह युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है।

क्‍या यह ईरान की जीत है?

ईरान कई दिनों से युद्ध रोकने के लिए अपनी शर्ते रख रहा है, जिसको अमेरिका ख़ारिज करता आ रहा था। यहां तक, कि ईरान ने अमेरिका द्वारा रखे गए 15 प्रस्‍तावों को भी ठुकरा दिया था, जिसके बाद अमेरिका ईरान से नाराज़ था और बड़ी धमकी दे डाली थी। अचानक सीज़फ़ायर की ख़बर आना डॉनल्‍ड ट्रंप पर भी कई सवाल खड़े कर रहें है। दुनिया तो यहां तक बोल रही है, कि ईरान के संघर्ष के आगे डॉनल्‍ड ट्रंप को झुकना पड़ा और इस सीज़फ़ायर को ईरान की जीत बता रहे हैं। खैर सच्‍चाई क्‍या है, ये तो आने वाले दिनों में पता चल ही जाएगा।  

यह भी पढ़ें: ‘‘ईस्‍ट एशि‍या महासंग्राम: अमेरिका का सबसे ख़तरनाक़ रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ कामयाब, ईरान मानने को तैयार नहीं’’

क्‍या ट्रंप मजबूर हुए?

ईरान ने जो शर्ते रखी हैं, उसे अमेरिका मानेगा या नहीं ये बड़ा प्रश्‍न है, या 2 सप्‍ताह बाद फिर हमले होंगे, यह देखने वाली बात है। इन शर्तों के माध्‍यम से यह बात पक्‍की है, कि कहीं न कहीं ट्रंप भी सोचने पर मजबूर हो गए होंगे, कि ईरान को धमकी देने के बावजूद वो लगातार हमले कर रहा है, जिससे पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है, इसलिए उसकी शर्ते मानना मजबूरी भी हो सकती है। तभी वो ईरान की 10 शर्तों पर विचार करने के लिए तैयार हो गए हैं।

ये हैं ईरान की 10 शर्तें:

1) लेबनान पर हमला दोबारा ना हो।

2) स्‍ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण हो।

3) यूरेनियम प्रोसेसिंग की अनुमति मिले।

4) अंतर्राष्‍ट्रीय परमाणू उर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रस्‍ताव रद्द किए जाएं।

5) ईरान को युद्ध में जो भी नुक़सान हुआ है, उसका मुआवजा मिले। 

6) ईरान पर जो भी प्रतिबंध अमेरिका ने लगाए है, वे सभी हटाए जाएं।

7) अमेरिका दोबारा ईरान पर हमला नहीं करेगा, इसकी पुष्‍टी करे।

8) ईरान से अमेरिका अपने सभी सैनिक को हटाए।

9) ईरान पर लगाए गए द्वितीयक (सेकेंडरी) प्रतिबंदों को भर हटाया जाए।

10) संयुक्‍त राष्‍ट्र के सभी प्रस्‍तावों को ख़त्‍म किया जाए।

यह भी पढ़ें: पश्‍चिम एशिया महासंग्राम की कहानी: अमेरिकी शर्त के बदले ईरान का भी शर्त वॉर

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