- बॉयलर ट्यूब के फ़टने से हुआ हादसा
- लापरवाह प्रशासन की ग़लती से हुआ हादसा
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसा हुआ है। प्लांट में बॉयलर का ट्यूब ब्लास्ट होने से 16 मजदूरों की मौत हो गई है, जिसकी पुष्टि SP प्रफ़ुल ठाकुर ने की है। बताया जा रहा है, कि इस हादसे में 20 से ज़्यादा मजदूर झुलस गए हैं, जिनमें से 5 से ज्यादा मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही हैं।

बढ़ सकता हैं मौतों का आंकड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, 14 अप्रेल को दोपकर 2:30 बजे के आसपास बॉयलर ट्यूब में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिसमें 16 मजदूरों की जान चली गई। हादसे को देखते हुए माना जा रहा है, कि इसमें मौत घायलों के आंकड़े बढ़ सकते हैं, क्योंकि ब्लास्ट इतना ख़तरनाक था, कि इसमें 40 से 50 मजदूरों की झुलसने की ख़बर मिली थी। हादसे के बाद घायल मजदूरों को रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर रेफ़र किया गया था। आपको बता दें कि मौके पर 4 मजदूरों की मौत हुई थी, वहीं रायगढ़ के अस्पताल में 10 मजदूरों, वहीं 2 मजदूरों की मौत रायपुर के अस्पताल में हुई है।
प्लांट प्रबंधन पर उठते सवाल
इस भयावह हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन पर सवाल उठना लाज़मी है, क्यों कि मजदूरों को इस घटना का अंदेशा था और उन्होंने इसके बारे में अपने सुपरवाइज़र को बताया था, लेकिन प्रबंधन ने इसको हलके में लिया और ध्यान नहीं दिया। यहां पहले भी इस तरह के हादसे होते रहे हैं, लेकिन प्रबंधन इसे लगातार अनदेखा करता रहा है। यहीं वजह है, कि इस हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
हालात को देखते हुए प्लांट पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए है, वहीं रात से ही SDRF की टीम घटना स्थन पर पहुंच गई थी और लगातार उसके द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है। आशंका है, कि अभी भी वहां मजदूर फंसे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतक परिवार को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये देने का ऐलान किया है। छत्तीशगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मृतक परिवार को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार देने की घोषणा की है। इसके अलावा छत्तीशगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल को समिति का संयोजक बनाया गया है। इस समिति में कई विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं।



