- अवैध रूप से बनाए गए 25 कमरे
- आने-जाने का सिर्फ़ एक ही रास्ता
होटल फ्लोरिश स्टे में दर्दनाक हादसा
दिल्ली के मालवीय नगर में दर्दनाक हादसा हुआ है। वहां स्थित एक होटल फ्लोरिश स्टे में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। रेस्टोरंट में आग इतनी तेज़ी से फैली, कि वह दृश्य काफ़ी भयावह था। बताया जा रहा है, कि सुबह 9:45 बजे फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना मिला थी। इसके बाद फ़ायर ब्रिगेड ने मौक़े पर पहुंच कर बचाव का काम किया। मरने वालों में 17 विदेशी हैं।

40 से ज़्यादा लोग घायल
दमकल विभाग ने होटल के बेसमेंट से लेकर पूरी इमारत से क़रीब 40 से ज़्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है। इनमें से कई लोगों को गंभीर चोट आई है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अभी आग लगने के सही कारणो का पता नहीं चल पाया है, लेकिन कई लोग इसे शॉर्ट सर्किट की वजह बता रहे हैं। ख़ैर बचाव और राहत का काम अभी भी जारी है।

लापरवाही कैसी ले लेती है लोगों की जान
आग लगने के बाद यह बात भी सामने आ रही है, कि इस होटल में अवैध रूप से 25 कमरे बनाए गए थे, जबकि यहां सिर्फ़ 6 कमरे ही होने चाहिए थे। इसके लिए होटल को बेसमेंट से लेकर 5 मंजिल तक तैयार किया गया था। यहीं नहीं सबसे बड़ी लापरवाही यह है, कि यहां आने-जाने के लिए सिर्फ़ एक ही रास्ता था। आग लगने के दौरान यहां की सभी खिड़कियां पूरी तरह से बंद थी और आग लगने के बाद धुआं तेज़ी से फ़ैलने लगा। इसके अलावा यहां आग से बचने के लिए सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस बीच इस होटल के मालिक की तलाश जारी है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार रुपये देने की घोषणा की है।



