- उत्पाद सिपाही भर्ती में हो रही थी लाखों की डील
- रटवाए जा रहे थे प्रश्न पत्र
उत्पाद सिपाही भर्ती मामला
रांची में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अंतर्गत उत्पाद सिपाही भर्ती में मिली गड़बड़ी को लेकर माहौल गरमा गया है। मिली जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है, कि सिपाही भर्ती के दौरान पेपर लीक हुआ है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और अब तक इस पेपर लीक से जुड़े 159 अभ्यर्थियों पकड़े जा चुके हैं।
क्या है मामला?
रांची के रड़गांव इलाके में देर शाम हुई छापेमारी में पता चला है, कि कयहां एक अर्धनिर्मित मकान में अभ्यर्थियों को इकट्ठा करके परीक्षा से पहले संभावित प्रश्न पत्र रटवाने की तैयारी चल रही थी। प्रशासन ने इस दौरान 4 सेट प्रश्न पत्र उत्तर सहित बरामद किए हैं, जिसमें 120 प्रश्नों में से कुछ प्रश्न संभावित परीक्षा से मेल खाते हैं। साथ ही खोरठा विषय का एक प्रश्न लीक होने और एक अन्य प्रश्न आंशिक रूप से मेल खाने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट रूप से पूरे पेपर लीक की पुष्टि अभी नहीं की है।
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पेपर लीक का मास्टरमाइंड कर रहा था डील
जांच में पता चला है, कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है, जो सॉल्वर गैंग से जुड़ा हुआ है और पहले भी ऐसे मामलों में पकड़ा जा चुका है। साथ ही यह भी ख़ुलासा हुआ है, कि अभ्यर्थियों से करीब 15 लाख रुपये की डील की गई थी। इसके अलावा उनके एडमिट कार्ड और दूसरे डॉक्यूमेंट भी जमा कराए गए थे।
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आयोग हुआ सख्त
आयोग के चेयरमैन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, कि इस मामले में पकड़े गए सभी 159 अभ्यर्थियों को आयोग की परीक्षा देने पर रोक लगाया जाए। अब पुलिस इस मामले से जुड़े गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
अधिकारियों की प्रेस वार्ता
इस पेपर लीक मामले को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें IAS अधिकारी प्रशांत कुमार, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और SSP राकेश रंजन मौजूद थे। उन्होंने इस मामले से जुड़ी जानकरी साझा की और कहा, कि आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
Photo And Video: PBSHABD



