- अमेरिका ने कहा भुगतने होंगे परिणाम
- ईरान बना रहा है तेल रिफ़ाइनरी को निशाना
मोजतबा ख़ामेनेई नए सुप्रीम लीडर
अमेरिका और इज़रायल की चेतावनी के बाद भी ईरान ने अपना सुप्रीम लीडर चुन लिया है। सुप्रीम लीडर ख़ामनेई के बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान ने अपना लीडर चुन लिया है। ख़ामनेई की हत्या के बाद इस चर्चा ने ज़ोर पकड़ लिया था, कि अगले लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ही होंगे। इसी बीच अमेरिका ने कहा था, कि ईरान सुप्रीम लीडर चुनने में उसको भी शामिल करे, वहीं इज़रायल ने भी धमकी दी थी, कि ईरान का हर उत्तराधिकारी उसके निशाने पर रहेगा। अब जब मोजतबा ख़ामेनेई को लीडर चुन लिया गया है, तो देखना होगा की दोनों देशों की प्रतिक्रिया क्या रहने वाली है।

तेल रिफ़ाइनरी बन रही हैं निशाना
बता दें, कि अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद यह महांसग्राम पूरे पश्चिम एशिया में आग तरह फ़ैलता जा रहा है। ईरान लगातार साऊदी अरब, कुवैत, ओमान, यूएई, क़तर की तेल रिफ़ाइनरी पर हमला करके नुक़सान पहुंचाने में लगा है, जिसका असर यह हुआ है, कि यहां की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने तेल का उत्पातदन लगभग बंद कर दिया है। इससे भविष्य में तेल का संकट पैदा हो सकता है। ईरान ने खाड़ी देश बहरीन के एक पेट्रोलियम कॉम्प्लेक्स पर हमला किया है। इन हमलों के कारण तेल की आपूर्ति बाधित होने की वजह से तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ गईं है। हालांकि भारत लगातार कह रहा है, कि उसके पास प्रयाप्त तेल भंडार है और देशवासियों को सस्ता तेल मिलता रहेगा।

इज़रायल का ईरान पर ज़बरदस्त हमला
ईरान भी अब शांत नहीं बैठा है और इज़रायल के साथ-साथ नाटो के सदस्य तुर्किए पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। साऊदी अरब, कुवैत, ओमान, यूएई, क़तर पर भी मिसाइल व ड्रोन दागे हैं। इसके बाद इज़रायल ने तेहरान पर हमला किया है, जिसे इस युद्ध का सबसे ज़बरदस्त धमाका बताया जा रहा है और कहा जा रहा है, कि इससे ईरान का काफ़ी नुक़सान पहुंचा है, लेकिन ईरान ने इस पर कोई जानकारी नहीं दी है। इज़रायल लगातार ईरान के शहर इस्फहान, तेहरान और दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर बमबारी कर रहा है। यहीं नहीं इसमें ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड का ड्रोन मुख्यालय भी शामिल है।

ट्रंप ने कहा ईरान के खिलाफ ‘आख़िरी जीत’ बाकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने युद्ध के बीच बयान दिया है, कि उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण जीत हासिल की हैं, लेकिन यह ‘आख़िरी जीत’ अभी बाक़ी है। उन्होंने कहा, कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को पूरी तरह ख़त्म कर दिया गया है और उनके पास अब बहुत कम लॉन्चर बच गए हैं।
ट्रंप कुछ भी बयान दें, लेकिन सच यह है, कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार मिलिट्री ऑपरेशन जारी हैं और ईरान ने भी अमेरिका और इज़रायल के ख़िलाफ़ अपनी जवाबी कार्रवाई तेज़ कर दी है।

दुबई एयरपोर्ट के पास हुआ था ड्रोन हमला
दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने की ख़बर सामने आई है, जिसमें चार लोगों के घायल होने का चता चला था। इसके अंतर्गत दो घाना के नागरिक एक बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। हमले के बावजूद अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट पर हवाई यातायात पूरी तरह से सामान्य है और उड़ानों के संचालन में कोई रुकावट नहीं आई है। घटना के आसपास की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

युद्ध से तेल और गैस प्रभावित
पश्चिम एशिया में चल रहे महासंग्राम का असर अब दुनिया भर के तेल और गैस आपूर्ति पर साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। तेल आपूर्ति का सबसे महम्वपूर्ण रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ की तरफ़ से तेल के जहाज ना जाने की वजह से तेल व गैस का संकट लगातार बढ़ता हुआ देखा जा सकता है।
बमबारी की वजह से खाड़ी देश की बड़ी-बड़ी तेल कंपनियां बद हो रही हैं। इसके अंतर्गत साऊदी अरब की रास तनुरा, अबु धाबी की रुवैस रिफ़ाइनरी और हाल ही में दुनिया की बड़ी तेल कंपनी आरामको पर भी हमला हुआ था, जिसके बाद तेल उत्पादन प्रभावित है। आरामको ने कहा है, कि अगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो पूरी दुनिया को इसका अंजाम भुगतना होगा। उधर क़तर ने भी एलएनजी (Liquefied Natural Gas) प्लांट का काम रोक दिया है।
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