- दूसरे वायूसेना के अधिकारी को बचाया
- ईरान ने अमेरिका के F-15 विमान को मार गिराया था
ईरान ख़ुशियां मना रहा था और अमेरिका योजना
कुछ दिन पहले ईरान ने अमेरिका के F-15 विमान को मार गिराया था और उसके मुख्य पायलट को तो अमेरिकी सेना ने जल्दी बचा लिया, लेकिन उसका दूसरा पायलट यानी वेपन्स ऑफ़िसर ईरान में फ़ंस गया था। ईरान जब पूरी दुनिया को इस कामयाबी का संदेश दे रहा था, वहीं अमेरिकी सेना अपने वायूसेना ऑफ़िसर को ढूंडकर उसे बचाने की योजना तैयार कर रही थी और ईरान की यह ख़ुशी ज़्यादा देर तक नहीं रही और अमेरिकी सेना ने ईरान में घुसकर अपने ऑफ़िसर का रेस्क्यू कर लिया।
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अमेरिकी सेना यूंही नहीं कहलाती नंबर 1
दरअसल से ऑपरेशन इतना आसान नहीं था, लेकिन अमेरिकी सेना का इतिहास रहा है, कि वह अपने एक सैनिक को बचाने के लिए हर जोख़िम से खेलना जानती है। बड़े सूझबूझ के साथ अमेरिका ने योजना तैयार की, जिसे ईरान की इंटेलिजेंस टीम और सेना समझ नहीं पाई और अमेरिका बाज़ी मार गया। ईरान में बमबारी के बीच घायल सैनिक को बचाना यह बताता है, कि अमेरिका की सेना वाकई में दुनिया की सबसे ताक़तवर सेना क्यों कही जाती है। इस चुनौती भरे ऑपरेशन के बाद अमेरिकी सेना ने अपने पूराने विमानों C-130 विमान और ब्लैक हॉक को बम से उड़ा दिया, ताक़ि यह ईरान के हाथ ना लग सके। बता दें, कि घायल ऑफ़िसर का इलाज कुवैत के अस्पताल में चल रहा है।
ईरान ने कहा यह धोखा ऑपरेशन विफ़ल रहा
दूसरी तरफ़ ईरान ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को धोखा बताया है। IRGC के अनुसार इस्फ़हान में दो C-130 विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को बम से उड़ा दिया है और कहा है, कि अमेरिका का यह ऑपरेशन विफ़ल रहा। दूसरी तरफ़ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा, कि मिशन कामयाब रहा और F-15 के दूसरे पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। इससे पता चलता है, कि युद्ध में कोई ख़ुद को कमज़ोर नहीं बताना या दिखाना चाहता। हालांकि ईरान को इस युद्ध में काफ़ी नुक़सान हो रहा है और उसके दर्जनों मुख्य अधिकारी मारे जा चुके हैं।

डॉनल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी
इसके अलावा डॉनल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ नहीं खुलने पर ईरान को चेतावनी देते हुए बड़े हमले की धमकी दी है। राष्ट्रपति ने कहा, कि अगर ईरान ने यह रास्ता नहीं खोला तो उसे नरक जैसा बना दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम)। ट्रम्प के इस पोस्ट को ईरान पर अमेरिकी हमले की डेडलाइन के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय समयानुसार ये डेडलाइन बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे की है।
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ईरान की भी अमेरिका को चेतावनी
ईरान ने भी अमेरिका के इस रवैये के बाद अमेरिका को भी सख्त चेतावनी दी है और कहा है, कि अगर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया गया तो वह पीछे नहीं हटेगा और हमले के साथ जवाब देगा। ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा, कि ईरानी सेना किसी भी हमले की स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, कि इस तरह के हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। बगाई ने भी धमकी दी है, कि उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को किसी भी तरह नुक़सान हुआ, तो, जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के सभी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा या किसी भी तरह अमेरिका की मदद करते हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का बयान
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा, है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका और इजराइल के लिए पहले जैसा बिल्कुल नहीं रहेगा। IRGC ने कहा, कि खाड़ी क्षेत्र में नया ऑर्डर लागू करने की तैयारी चल रही है, जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने, अमेरिका और इजराइल के जहाजों पर बैन और बैन लगाने वाले देशों पर अतिरिक्त नियम लागू करने की बात कही गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्ताव में इस बात को भी शामिल किया गया है, कि जहाजों को ट्रांजिट फ़ीस ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा में चुकानी होगी। इस योजना के अंतर्गत समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ओमान के साथ कानूनी सहयोग जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।



